इटारसी। रक्षा क्षेत्र के आयुध कारखानों के लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ और सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के निरंतर प्रयासों के बाद, केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे महत्वपूर्ण आश्वासन दिया है।
कैबिनेट सचिव की बैठक में हुआ निर्णय
11 मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय परिषद संयुक्त समिति की बैठक में, भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिव ने घोषणा की कि पूर्ववर्ती आयुध कारखानों के कर्मचारियों की मान्य प्रतिनियुक्ति को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि तक बढ़ाया जाएगा। इस निर्णय पर औपचारिक मुहर मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह की आगामी बैठक में लगाई जाएगी, जिसके बाद आधिकारिक आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
निगमीकरण के बाद सुरक्षा की मांग
अक्टूबर 2021 में आयुध कारखानों के निगमीकरण के बाद से ही कर्मचारियों के भविष्य और सेवा शर्तों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। बीपीएमएस ने इस मुद्दे पर प्रसार भारती मॉडल को लागू करने की पुरजोर वकालत की थी, ताकि कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य लाभ पूरी तरह सुरक्षित रहें।
संघर्ष और सफलता का सफर
दिसंबर 2024 में नागपुर के अंबाझारी सम्मेलन और पुणे की मुख्य समिति की बैठक में इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजे गए थे। संगठन ने हर स्तर पर आंदोलन और बैठकों के माध्यम से कर्मचारियों की चिंताओं को सरकार के सामने रखा। अब सेवानिवृत्ति तक प्रतिनियुक्ति विस्तार मिलने से कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और सरकारी लाभों पर मंडरा रहा खतरा टल गया है।
संगठन ने जताया आभार
बीपीएमएस ने इस ऐतिहासिक घटनाक्रम को कार्यकर्ताओं के अथक संघर्ष और सामूहिक एकता की जीत बताया है। संगठन ने उन सभी कर्मचारियों और पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है जो इस आंदोलन में डटे रहे। बीपीएमएस ने दोहराया कि वे रक्षा प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों के कल्याण और गरिमा के लिए भविष्य में भी इसी तरह प्रतिबद्ध रहेंगे।












