महिलाओं को विटामिन डी लेने के लिए रखना होगा इन बातों का ध्यान

महिलाओं को विटामिन डी लेने के लिए रखना होगा इन बातों का ध्यान

जानिए कितना नैनोग्राम विटामिन डी (vitamin D) शरीर में पाया जाता है

होशंगाबाद। शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय (Home Science College) में बायोटेक्नोलाजी विभाग द्वारा ‘Sunshine of vitamin D for women health’ विषय पर नेशनल वेबीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. कामिनी जैन (Principal Dr. Kamini Jain) ने स्वागत उद्बोधन कर कहा कि वर्तमान समय में बच्चों से लेकर वयस्कों तक लगभग 80 लोगों में विटामिन डी की कमी पाई जाती है। विशेष रूप से महिलाओं में विटामिन डी की कमी से शरीर में थकान मांसपेशियों एवं हडिडयों का कमजोर होना मोटापा, सूजन जैसी अनेक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती है। आज की व्यस्ततम जीवन शैली के कारण जब शरीर को धूप नहीं मिलती है तो शरीर में विटामिन डी बनाने वाले तत्व कोलेस्ट्राल में बदल जाती हैै। जिससे इम्यून सिस्टम तेजी से कमजोर होता है जिससे सर्दी जुकाम एवं संक्रमण जैसी बीमारियों की शिकायत तेजी से बढती है। महिलाओं में विटामिन डी का ब्लड में नाॅर्मल लेवल 50 से 20 नैनोग्राम होता है लेकिन 20 नैनोग्राम से कम होने पर सतर्क होना आवश्यक है।

यह रखें सावधानियां
मेडिकल साइंस के मुताबिक सुबह के समय शरीर विटामिन डी बनाने में सबसे अधिक सक्षम होता है। अतः हफ्ते में दो से तीन बार 15 – 30 मिनट की धूप पर्याप्त मानी जाती है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों जैसे संतरे का जूस मशरूम गाय का दूध, अंडे एवं फैटी फिश द्वारा भी विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। इसके दूसरे पहलू पर गौर किया जाए तो विटामिन डी की अधिकता भी शरीर के लिए हानिकारक होती है शरीर में विटामिन डी अधिक होने पर गुर्दे ह्रदय एवं रक्त वाहिनीयों में एक प्रकार की पथरी उत्पन्न हो जाती है। महिलाओं में विटामिन डी की कमी का कारण अनियोजित गर्भ धारण, अर्ली मेनोपाॅज हाइपरटेंशन अनियंत्रित जीवनशैली एवं प्रदूषण होते हैं जो मां एवं शिशु दोनों में विटामिन डी की कमी का कारण बनते हैं।

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