बोनस नहीं मिला तो 22 अक्टूबर को देश भर में रेल का चक्का जाम

बोनस नहीं मिला तो 22 अक्टूबर को देश भर में रेल का चक्का जाम

इटारसी। आल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन (All India Railway Men’s Federation) की स्टैंडिंग कमेटी (Standing committee) की बैठक में बोनस के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है, जिसमें कहा कि अगर 21 अक्टूबर तक बोनस (Bonas) का ऐलान नहीं किया तो 22 अक्टूबर को रेल (Rail) का चक्का जाम किया जाएगा।
एआईआरएफ की स्टैडिंग कमेटी (AIRF Standing Committee) की बैठक में बोनस, निजीकरण, निगमीकरण, पुरानी पेंशन की बहाली, डीए, नाइट ड्यूटी एलाउंस, एक्ट अप्रैंटिस के समायोजन, सैल्यूट और मान्यता के चुनाव समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। कामरेड केके शुक्ला कार्यकारी अध्यक्ष (Comrade KK Shukla Executive Chairman) ने बताया कि महामंत्री मुकेश गलाव (General Minister Mukesh Galav) के नेतृत्व में इन तमाम मुद्दों पर लगातार रेलमंत्री(Railmantri), बोर्ड के सीईओ (CEO) समेत सरकार के विभिन्न मंत्रियों (Matriyo) और सचिवों से बात हो रही है। हर मंत्री और अफसर मांग का समर्थन करते है, लेकिन आदेश जारी नहीं हो रहा है, इससे कर्मचारियों में आक्रोश है।

रोज देश भर रेलकर्मचारियों (Railway staff) के साथ ही यूनियन (Union) के पदाधिकारियों के फोन आते हैं और सभी बोनस को लेकर चिंतित हैं। महामंत्री ने कहा कि जब भी बोनस के बारे में रेलमंत्री और सीईओ से बात हुई, बताया कि रेल मंत्रालय ने बोनस देने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेज दिया है और यह फाइल वहीं लंबित है। महामंत्री ने कहा कि हमेशा से ही दुर्गा पूजा के पहले ही बोनस का ऐलान कर दिया जाता रहा है, लेकिन इस बार अभी तक बोनस का ऐलान नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश है। बैठक में तय किया कि 20 अक्टूबर को देश भर में बोनस डे मनाया जाएगा, इस दौरान शाखा से लेकर जोन स्तर पर धरना, प्रदर्शन, रैली का आयोजन किया जाएगा। सरकार को 21 अक्टूबर तक का समय दिया है, इस दौरान अगर बोनस का ऐलान नहीं किया तो 22 अक्टूबर को सीधी कार्रवाई करते हुए रेल का चक्का जाम कर दिया जाएगा।

भोपाल मंडल अध्यक्ष टी के गौतम (Bhopal division president TK Gautam) ने कहा कि जब रेल कर्मचारी कोरोना महामारी के बीच ट्रेनों का संचालन कर प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का काम कर रहे थे, कोशिश कर रहे थे कि देश के किसी कोने में आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कमी न होने दें, उस वक्त सरकार रेल बेचने का सौदा कर रही थी। कुल 109 चुनिंदा रेल मार्गों पर 151 ट्रेनों का संचालन प्रायवेट ऑपरेटर को देने का काम किया जा रहा था। उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण की साजिश चल रही थी। मंडल सचिव फिलिप ओमेन (Divisional Secretary Philip Omen) ने कहाकि हम मान्यता के दो चुनावों का सामना कर चुके हंै, जैसा कि बोर्ड द्वारा कहा जा रहा है कि चुनाव कराया जा सकता है, तो हमें अपनी तैयारी पुख्ता करने में जुट जाना चाहिए।

आज इटारसी के समस्त डिपो में डीजल शेड में मनोज रैकवार, घनश्याम दुगाया, उमेश निगम, एसी शेड में राजू यादव, सुरेश धूरिया, संतोष शुक्ला, एमके अग्रवाल, सुधीर गौर, प्रीतम तिवारी, प्रदीप मालवीय, रविंद्र चौधरी, विनोद कुशवाह, दीपक कुमार, गोलू मीणा के नेतृत्व में चारों तरफ रेलवे कर्मचारियों को बोनस बनाने के लिए नारेबाजी एवं सभा का प्रदर्शन किया। उक्त जानकारी यूनियन प्रवक्ता प्रीतम तिवारी ने दी।

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