इटारसी। सड़क हादसे में जख्मी हुए पुरानी इटारसी निवासी युवा नीरज राजपूत की उपचार के दौरान हालत बिगडऩे पर मौत हो गई थी, इस घटना के बाद प्रभावित परिवार ने दयाल अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं।
मौत के बाद हुए प्रदर्शन ज्ञापन के बाद आईएमए और अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा था, इस पक्ष के बाद अब पीडि़त परिवार अन्य लोगों के साथ मंगलवार को प्रेस वार्ता के साथ कई नए आरोप और नए दयाल अस्पताल पीडि़त मरीजों को लेकर सामने आया। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पार्षद नारायण सिंह ठाकुर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमारे बच्चे को न्याय मिलना चाहिए, न्याय नहीं मिला तो हम अन्य पीडि़तों के साथ कोर्ट जाएंगे।
करनी सेना से जुड़े छत्रपाल सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि 5 फरवरी को उनका एक्सीडेंट हुआ था, 11 फरवरी को उनका आपरेशन दयाल अस्पताल में हुआ, उनके घुटने-पंजे के बीच की हड्डी टूटी थी। यहां सर्जरी के बावजूद उनकी तकलीफ दूर नहीं हुई है, उनकी हड्डी आज तक ठीक नहीं हुई, शिकायत करने पर प्रबंधन ने कहा कि वजन देकर चलना पड़ेगा, अब उनसे ठीक से चलते नहीं बनता है, उनका घुटना नहीं मुड़ रहा है। दूसरे अस्पताल में दिखाने के बाद कई बार दयाल अस्पताल गए, उन्हें बस दवाएं दीं, समस्या हल नहीं हुई।
राजपूत ने दांड़ीवाड़ा निवासी कमलेश यादव से मोबाइल पर बात कराई, जो पिछले डेढ़ साल से बिस्तर पर हैं, उनका आपरेशन भी इसी अस्पताल में हुआ था, यादव ने कहा कि उनका काम धंधा बंद हो गया है, वे चलने फिरने से लाचार हो गए हैं, इस हालत के लिए भी उन्होंने अस्पताल को दोषी बताया।
नीरज राजपूत की मौत के बाद परिवार से गोपाल राजपूत, जयपाल सिंह राजपूत, विहिप नेता गोपाल सोनी ने अपनी बात रखी। अन्य पीडि़त मरीजों के रूप में विकास वैष्णव, गोपाल सोनी, मनीष उदयपुरिया, नरेन्द्र नागले, योगेश मेहतो ने अपनी पीड़ा जाहिर की। प्रेस वार्ता में अस्पताल के खिलाफ अपनी शिकायत लेकर पहुंचे पुराने मरीज अब कानूनी लड़ाई लडऩे की बात कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
इनका कहना है…
हम अपने यहां आए मरीज का पूरी ईमानदारी और शिद्दत से इलाज करते हैं, गंभीर मरीज आता है, तो उसकी जान बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है, लेकिन इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं तो यही कहना है कि सभी को संतुष्ट नहीं किया जा सकता है। जहां तक समय की बात है तो आपरेशन के बाद आराम लगने में समय लगता है।
डॉ. अचलेश्वर दयाल, संचालक दयाल अस्पताल










