इटारसी। यदि चार दिन में किसानों को खाद और नहरों से पानी नहीं मिला तो क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन आंदोलन (Revolutionary Peasant Labor Organization Movement) करेगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों का घेराव भी किया जा सकता है। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष हरपाल सिंह सोलंकी ने कहा कि किसान परेशान हैं और न तो अधिकारी सुन रहे और ना ही जनप्रतिनिधियों का ध्यान है।
उन्होंने कहा कि अपने आप को किसानों के मसीहा और किसान पुत्र कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज्य में किसान हर तरफ से परेशान हैं। बोनी का समय हो गया है, परंतु किसानों (Kisano) को डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। किसान का परिवार दो 2 दिन तक लाइन में लगा रहता है, उसके बाद मुश्किल से 5-10 बोरी खाद मिल पाती है। यही हाल नहर का है, नहर के अंदर ना तो सफाई की है और ना ही पानी आ रहा है।
सोलंकी ने बताया कि ग्राम भट्टी से भीलाखेड़ी होते हुए बैंगनिया जाने वाली नहर में न तो इसकी सफाई हुई और ना ही अभी तक इसमें पानी आया है। शासन प्रशासन कौन सी नींद में सो रहा है। किसान परेशान है, परंतु कोई सुध लेने वाला नहीं है। नहर विभाग (canal department) के अधिकारियों को दंडित करके घर में बिठा देना चाहिए। जनप्रतिनिधि भी सिर्फ और सिर्फ वोट की राजनीति करते हैं। किसान की समस्याओं से इनको कोई लेना देना नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अब क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन चुप नहीं बैठेगा। यदि 3-4 दिन के अंदर खाद एवं नहर की समस्या हल नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करेगा। संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में जनप्रतिनिधियों का घेराव भी हो सकता है।
चार दिन में समस्या हल नहीं हुई तो, जनप्रतिनिधियों का घेराव
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