इटारसी। शहर में ऑनलाइन ठगी और सायबर अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इटारसी पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इन दोनों मामलों में अज्ञात सायबर ठगों ने पुरानी इटारसी क्षेत्र के दो रहवासियों को अपना शिकार बनाया और कुल 1 लाख 27 हजार रुपये से अधिक की राशि उड़ा ली। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डेकोरेशन पॉट का डीलर बनकर 47 हजार की ठगी
पहला मामला गोकुलधाम कॉलोनी, पुरानी इटारसी का है। यहां के निवासी फरियादी जितेन्द्र पिता भवानी प्रसाद मेहरा, उम्र 25 वर्ष के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है।
ठगी का तरीका : एक अज्ञात आरोपी ने खुद को डेकोरेशन पॉट का डीलर बताया और फरियादी के व्हाट्सएप पर एक क्यूआर कोड और लिंक भेजा।
ठगी की राशि : लिंक और क्यूआर कोड के माध्यम से अज्ञात आरोपी ने फरियादी के खाते से कुल 47,149.66 रुपये उड़ा लिए। फरियादी की शिकायत पर इटारसी पुलिस ने 21 अगस्त की रात 11:34 बजे अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
पुराना फर्नीचर बेचने के नाम पर 80 हजार का चूना
दूसरा मामला सरदार पटेलपुरा, वार्ड नंबर 03 पुरानी इटारसी का है, जहां एक बुजुर्ग नागरिक को ठगों ने अपना शिकार बनाया। यहां के निवासी फरियादी अनिल चौधरी पिता नंदकिशोर चौधरी, उम्र 60 वर्ष के साथ यह घटना हुई।
ठगी का तरीका : इस मामले में अज्ञात आरोपी ने पुराना फर्नीचर बेचने का झांसा देकर फरियादी से संपर्क किया और धोखे से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
ठगी की राशि : आरोपी ने फरियादी अनिल चौधरी के साथ कुल 80,000 रुपये की बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने 21 अगस्त की रात 9:05 बजे अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया है।
एक ही दिन (16 अगस्त) को हुए इन दोनों सायबर अपराधों की शिकायत 21 अगस्त को थाने में दर्ज कराई गई है। इटारसी पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर सायबर सेल की मदद से नंबरों और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है।
इटारसी पुलिस की आम जनता से अपील: सायबर ठगों से रहें सावधान
लगातार बढ़ रहे सायबर अपराधों को देखते हुए इटारसी पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। पुलिस ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
तत्काल शिकायत करें: यदि दुर्भाग्यवश आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी हो जाती है, तो घबराएं नहीं। तुरंत राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या अपने नजदीकी पुलिस थाने / सायबर सेल में जाकर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस ने नागरिकों को सावधानियां बरतने की सलाह दी है
पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन न करें: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करने या यूपीआई पिन (UPI PIN) डालने से आपके बैंक खाते से पैसे कटते हैं, पैसे आते नहीं हैं। कोई भी खरीदार अगर पैसे भेजने के लिए QR कोड भेजे, तो उसे स्कैन न करें।
अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक या लुभावने ऑफर पर क्लिक करने से बचें। इससे आपका मोबाइल हैक हो सकता है।
ऑनलाइन खरीद-बिक्री में सावधानी बरतें: पुराना सामान बेचने या खरीदने के नाम पर अक्सर ठग संपर्क करते हैं। बिना सामान और व्यक्ति की ठीक से पहचान किए, किसी को भी एडवांस पेमेंट न करें।
OTP और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर या पुलिस के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल्स से सावधान रहें। अपना ओटीपी (OTP), बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन या सीवीवी (CVV) किसी के साथ भी शेयर न करें।











