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भारतीय वायुसेना दिवस कल : जानें इतिहास, लड़े हुऐ युद्व और सम्‍पूर्ण जानकारी 2022

भारतीय वायुसेना दिवस कल : जानें इतिहास, लड़े हुऐ युद्व और सम्‍पूर्ण जानकारी 2022

क्यों मनाया जाता है भारतीय वायुसेना दिवस, जानें इतिहास, उद्देश्य, आदर्श वाक्य, वायुसेना ध्वज, वायुसेना के विमान, वायुसेना द्वारा लड़ेे युद्व के बारे में सम्‍पूर्ण जानकारी   

भारतीय वायुसेना दिवस 2022 (Indian Air Force Day)

भारतीय वायुसेना दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सेना है। वायुसेना का गठन 8 अक्टूबर 1932 को हुआ था। तभी से ही प्रतिवर्ष 8 अक्‍टूबर को वायुसेना दिवस के रूप में मनाया जाता आ रहा हैं। इस वर्ष वायुसेना 89 वां स्थापना दिवस मनाएगी। 1 अप्रैल,1933 को वायुसेना का पहला दस्ता बना था जिसमें 6 आएएफ-ट्रेंड ऑफिसर और 19 हवाई सिपाहियों को शामिल किया गया था।

इस फोर्स का गठन “रॉयल वायु सेना” नाम से हुआ था। जिसे हटाकर “वायुसेना” कर दिया गया। आजादी से पहले वायुसेना आर्मी के अन्‍डर ही काम करती थी। वायुसेना को आर्मी से ‘अलग’ करने का श्रेय भारतीय वायुसेना के पहले कमांडर इन चीफ, एयर मार्शल सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को जाता है।

आजादी के बाद सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को भारतीय वायुसेना का पहला चीफ, एयर मार्शल बनाया गया था। वह 15 अगस्त 1947 से 22 फरवरी 1950 तक इस पद पर बने रहे थे।

भारतीय वायुसेना दिवस का इतिहास (History of Indian Air Force Day)

वायुसेना दिवस

भारतीय वायुसेना को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत की विमान सेवा को उपसर्ग रॉयल के साथ सम्मानित किया था। सन् 1947 में देश की आजादी के बाद इस फोर्स का नाम रॉयल वायुसेना रखा गया था। इसके 3 वर्ष बाद सन् 1950 में भारत के एक गणराज्य बनने के बाद इसका नाम भारतीय वायुसेना कर दिया गया।

सन् 1950 में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के साथ चार युद्ध और चीन के साथ एक युद्ध लडा है। साथ ही भारतीय वायुसेना के द्वारा इन प्रमुख ऑपरेशनों में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। जिनके नाम है- ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस और ऑपरेशन पूमलाई।

भारतीय वायुसेना का मिशन शत्रुता पूर्ण ताकतों के साथ जुड़ाव से परे है क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भाग लेता है।

भारतीय वायुसेना दिवस का उद्देश्य (Objective of Indian Air Force Day)

वायुसेना दिवस

भारतीय वायुसेना दिवस बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को इस सेना के बारे में जागरूक करना और देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाना है।

कैसे मनाया जाता है वायुसेना दिवस (How is Air Force Day celebrated)

भारतीय वायुसेना दिवस प्रतिवर्ष 8 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन वायुसेना के द्वारा बेहतरीन परेड की जाती हैं। इसके साथ वायुसेना के विमानों का प्रदर्शन किया जाता हैं एवं उनके बारे में जानकारी दी जाती हैं। यह प्रदर्शन प्रतिवर्ष उत्‍तरप्रदेश के गाजियाबाद हिंडन वायु सेना स्टेशन में मनाया जाता है।

इस  समारोह में भारतीय वायुसेना प्रमुख और तीनों सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। इस दिन सबसे महत्वपूर्ण और पुराने विमानों का खुले आसमान में शानदार प्रदर्शन किया जाता है।

गीता से लिया गया है आदर्श वाक्य (The motto is taken from Gita)

भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है-नभ: स्पृशं दीप्तम‘। इस वाक्‍य का अर्थ होता हैं ‘गर्व के साथ आकाश को छूना। यह वाक्‍य गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है। यह महाभारत के युद्ध के दौरान कुरूक्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का एक अंश है।

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वायुसेना ध्वज (Air Force Flag)

वायुसेना का ध्वज, नीले रंग का है जिसके शुरुआती एक चौथाई भाग में राष्ट्रीय ध्वज बना है और बीच के हिस्से में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों अर्थात्‌ केसरिया, श्वेत और हरे रंग से बना एक वृत्त (गोलाकार आकृति) है। यह ध्वज 1951 में बनाया गया था।

5 युद्ध लड़ चुकी है भारतीय वायुसेना (Indian Air Force Has Fought 5 Wars)

वायुसेना दिवस

देश के आजाद होने के बाद भारतीय वायु सेना अब तक के 5 विश्‍व युद्व में शामिल हो चुकी हैं। जिनमें पाकिस्तान के खिलाफ सन् 1948, 1965, 1971 और 1999 शामिल है 1962 में चीन के खिलाफ भी भारतीय वायुसेना एक युद्ध लड़ चुकी हैै। भारतीय वायुसेना के अन्य प्रमुख ऑपरेशनों में ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस, ऑपरेशन पूमलाई, बालाकोट एयर स्ट्राइक शामिल हैं

वायुसेना के विमान (Aair Force Aircraft)

वायुसेना दिवस

  • मिग-21, यह विमान सबसे बड़ा एवं महत्वपूर्ण है भारतीय वायुसेना के पास यह करीब 200 विमान हैं।
  • सुखोई 30, ये एमकेआई विमान है यह विमान वायु सेना के पास 140 हैं।
  • जगुआर, ये लड़ाकू विमान है। इनकी संख्या 110 है।
  • मिराज-2000 भी लड़ाकू है और इनकी संख्या 50 है।
  • वायुसेना के पास 272 एसयू-30 भी है।
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