नर्मदापुरम। अज्ञात वाहनों की टक्कर से होने वाली दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले या गंभीर रूप से घायल होने वाले पीडि़तों को अब शासन की योजना का लाभ दिलाने के लिए पुलिस खुद उनके दरवाजे तक पहुंचेगी। पुलिस कप्तान साई कृष्णा एस थोटा और एएसपी अभिषेक राजन के निर्देशन में जिले में एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसका नेतृत्व ट्रैफिक डीएसपी संतोष मिश्रा कर रहे हैं।
क्या है, हिट एंड रन प्रतिकर योजना
अक्सर अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पीडि़त परिवार कानूनी प्रक्रियाओं और जानकारी के अभाव में सहायता राशि से वंचित रह जाते हैं। शासन ने 2022 से इस योजना के तहत मुआवजा राशि में भारी वृद्धि की है। मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को 2 लाख रुपये की सहायता, गंभीर घायल होने पर पीडि़त को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, पूर्व में यह राशि क्रमश: 25 हजार और 12.5 हजार रुपये थी।
पुलिस का अभियान, 27 लंबित प्रकरणों पर फोकस
जिले के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक हिट एंड रन के 31 मामले सामने आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद अब तक केवल 4 परिवारों ने ही आवेदन किया है। अब पुलिस शेष 27 प्रकरणों के पीडि़तों से स्वयं संपर्क करेगी। संबंधित थाने की टीम पीडि़तों के घर जाकर आवेदन भरवाएगी और जरूरी दस्तावेज जुटाने में मदद करेगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए पीडि़तों को तहसीलदार या एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होता है। इसके लिए निम्न दस्तावेज आवश्यक हैं।
- बैंक खाते की पासबुक (फोटोकॉपी)।
- अस्पताल के उपचार संबंधी कागजात।
- पहचान पत्र और पते का प्रमाण।
- पुलिस द्वारा एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या एमएलसी रिपोर्ट
समय सीमा में मिलेगी सहायता
योजना को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित है। दावा अधिकारी एसडीएम/तहसीलदार को 30 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देनी होती है और कलेक्टर द्वारा अगले 15 दिनों में सहायता राशि भुगतान के आदेश जारी किए जाते हैं। यातायात पुलिस नर्मदापुरम ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास अज्ञात वाहन से कोई दुर्घटना होती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते पात्र व्यक्ति को आर्थिक संबल मिल सके।










