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विधानसभा में गूंजे पट्टा उल्लंघन, फर्जी आवंटन और अतिक्रमण के मुद्दे

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  • अवैध व्यावसायिक उपयोग और निर्माण की जांच शुरू, अल्पसंख्यक स्कूलों को आरटीई से मिली छूट

इटारसी। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नर्मदापुरम जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठे। विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जिले की प्रशासनिक और शैक्षणिक स्थिति का ब्यौरा सदन के सामने रखा।

नजूल पट्टे की शर्तों का उल्लंघन, जांच जारी

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने सदन को बताया कि नर्मदापुरम में एक पट्टेदार (लेसी) द्वारा सरकारी नजूल भूमि की लीज की शर्तों का कथित उल्लंघन किया गया है। पट्टे की शर्तों के विपरीत, जमीन का उपयोग व्यावसायिक (व्यापार/कारोबार) उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। पट्टेदार ने बिना पूर्व अनुमति के प्रथम मंजिल का निर्माण किया और दुकान के लिए रोड पर सीढिय़ां बनाईं। पट्टे की शर्त 50 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों में उप-विभाजन नहीं का कथित तौर पर उल्लंघन किया गया है। मंत्री ने जानकारी दी कि इन शिकायतों की जांच के लिए नजूल अधिकारी के न्यायालय में राजस्व प्रकरण दर्ज कर लिया है। यह भी स्पष्ट किया कि पट्टे की शर्तों के उल्लंघन को क्षमा करने का अधिकार कलेक्टर या उनके द्वारा अधिकृत अपर कलेक्टर को है।

फर्जी पट्टों का मामला उच्च न्यायालय में

ग्राम सोनासांवरी में वर्ष 2017 में फर्जी पट्टों के कथित आवंटन का मुद्दा भी विधानसभा में उठा। राजस्व मंत्री ने स्वीकार किया कि तत्कालीन सरपंच द्वारा अपने पति के नाम से पट्टे का आवंटन किया गया था। इस मामले में वर्तमान में अपर कलेक्टर न्यायालय में निगरानी प्रचलित है, जबकि भूमि को आबादी घोषित करने के विरुद्ध एक रिट याचिका उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

अतिक्रमण और सीएम हेल्पलाईन शिकायतें

नगर में अतिक्रमण की शिकायतों पर राजस्व मंत्री ने बताया कि पुरानी तहसीली के पास दो मंजिला दुकान निर्माण, नारायण नगर में मार्ग बंद करने और अन्य अतिक्रमणों के संबंध में जांच चल रही है। सीमांकन के आदेश दिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अभी नहीं हुई है, और प्रशासनिक स्टाफ की विधानसभा निर्वाचन कार्य में व्यस्तता के कारण समय-सीमा में बदलाव संभव है।

अल्पसंख्यक संस्थानों को आरटीई से छूट स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने नर्मदापुरम जिले में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्रवेश पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि जिले में अल्पसंख्यक अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों की संख्या शून्य है, जबकि गैर-अनुदान प्राप्त संस्थान 11 हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत अल्पसंख्यक स्कूलों को आरटीई के तहत नि:शुल्क प्रवेश देने की बाध्यता से मुक्त रखा है।

Rohit Nage

रोहित नागे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाचार संपादक हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में स्नातक किया है तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राज एक्सप्रेस, पीपुल्स समाचार, नवभारत सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में रिपोर्टर, उप-संपादक, ब्यूरो प्रमुख एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य किया है। वे Narmadanchal.com के रिपोर्टर, उप-संपादक, एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहे हैं और नर्मदांचल क्षेत्र की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समाचारों पर विशेष रूप से लेखन एवं संपादन कार्य कर रहे हैं।

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