विधायक, नपा में भ्रष्टाचार के संरक्षणदाता : कांग्रेस

नववर्ष मिलन और पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने दिया विधायक को जवाब
इटारसी। नगर कांग्रेस कमेटी ने रविवार को श्री प्रेमशंकर दुबे स्मृति पत्रकार भवन में नववर्ष मिलन समारोह के साथ ही पत्रकार वार्ता का आयोजन कर पिछले दिनों विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा द्वारा कांग्रेसियों पर लगाये आरोपों पर न सिर्फ जवाब दिये, बल्कि उनको नगर पालिका के भ्रष्टाचार में संरक्षणदाता बताकर कई सवाल भी उठाए। इस दौरान किसी एक नेता ने नहीं बल्कि कई कांग्रेसियों ने पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी और सीधे-सीधे विधायक पर जुबानी हमला बोला। इस अवसर पर किसान नेता मोहन झलिया, अमोल उपाध्याय, राजेन्द्र सिंह तोमर सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।
कांग्रेस की पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री विजय दुबे काकू भाई ने कहा कि विधायक डॉ शर्मा पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि विधायक डॉ शर्मा के संस्थानों के खिलाफ जिस-जिस अधिकारी ने जांच की कार्यवाही की, उसके खिलाफ डॉ शर्मा ने मोर्चा खोला और उन्हें हटवाया है। डॉ शर्मा ने शराब माफिया और अन्य आपराधिक किस्म के लोगों को संरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि हम सभी को कांग्रेसी मित्र जनता की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। बीओटी काम्प्लेक्स को भी चालू करने के लिए कोशिश कर रहे हैं।

क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया
विजयदुबे काकूभाई ने कहा कि विधायक डॉ. शर्मा के भाई प्रदेश के मुख्य सचिव रहे हैं, तब भी ये विधायक थे। उस वक्त भी उन्होंने क्षेत्र के लिए कुछ नहीं कराया। स्वयं विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे, लेकिन कुछ नहीं करा सके। काकूभाई ने कहा कि कांग्रेस में जब वे विधायक थे, न्यास में अरविंद मालवीय के कार्यकाल में अंडर ग्राउंड ड्रैनेज की योजना ओवरसीज ब्रिटिश डेवलेपमेंट कार्पोरेशन से स्वीकृत करायी और अधिकारियों से लड़कर शहर के लिए लेकर आये। इसके बाद चुनाव हुए और वे विधायक नहीं रहे। उस वक्त तत्कालीन सांसद सरताज सिंह और नए विधायक बने डॉ. शर्मा से भी कहा था कि वे राज्य सरकार से एक सहमति पत्र बनवाकर केन्द्र को भिजवाएं, तो विधायक डॉ. शर्मा ने यह कहकर मना कर दिया कि तुम्हें श्रेय मिल जाएगा।

भ्रष्टाचार रहेगा चुनाव का मुद्दा
सन्निकट नगर पालिका चुनाव के विषय में किये गये सवाल पर काकूभाई ने कहा कि चुनाव में हमारा मुद्दा नगर पालिका में हुए भ्रष्टाचार को बनायेंगे। उनसे चौपाटी तोडऩे के विषय में सवाल किया तो बोले कि नियम के विरुद्ध कोई चीज कैसे बनायी जा सकती है। जमीन नगर पालिका की थी नहीं और उस पर लाखों रुपए कैसे खर्च कर दिये गये। चुनाव में जीत के दावे पर उन्होंने कहा कि हम योग्य प्रत्याशियों का चयन करेंगे, जो जीत सकने वाला होगा, उसे ही पार्टी टिकट प्रदान करेगी। इटारसी-होशंगाबाद प्राधिकरण के विषय में किये गये सवाल पर काकूभाई ने कहा कि यह तो जनप्रतिनिधि को पहल करना चाहिए थी। उनको इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाना चाहिए था। काकूभाई ने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधि विकास कार्यों में रुचि नहीं लेते हैं, सिर्फ आरोप लगाते हैं।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज राठौर ने कहा कि 25 साल से डॉ. शर्मा और उनके परिवार का कार्यकाल रहा है, मगर इटारसी का विकास शून्य रहा है। विधानसभा अध्यक्ष होते हुए भी उन्होंने शहर को कोई बड़ी उपलब्धि नहीं दिलाई। केंद्र से नपा तक उनकी सरकार होने के बाद भी उन्होंने कोई काम नहीं कराया है। तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर गेट के सामने की खाली जमीन को हड़पने का प्रयास किया जा रहा था जिसे कांग्रेस ने रोका। पंकज राठौर ने आरोप लगाए कि शहर में नपा ने जो भी निर्माण कार्य हुए उनमें हुए भ्रष्टाचार को विधायक डॉ शर्मा और नपा के जनप्रतिनिधियो ने संरक्षण दिया और राशि से अपनी जेब भरी है। उन्होंने कहा कि इटारसी की नगरपालिका में महाभ्रष्टाचार हुआ और डॉ शर्मा 10 में से 10 अंक देते रहे। ईमानदारी की बात करने वाले विधायक शर्मा जवाब दें कि पुत्री शाला की दुकानें किसने बनवाई थी और क्यों आज तक उनके पीछे के लोगो के नाम सामने नहीं आए।
संभागीय प्रवक्ता अशोक जैन ने कहा कि 4 प्रकरणों में नपा के अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज होना है। संजीव श्रीवास्तव संरक्षण चाहते हैं और बताने के लिए तैयार हैं कि किन लोगों ने उन्हें इन अनियमित कार्यों को करने के लिए दबाव डाला था। उन्होंने कहा कि सीएमओ ने अक्षत बुंदेला, आरके जोशी, विजय मालवीय और संतोष सिंह बैस के खिलाफ एफआईआर के लिए शासन से अभिमत चाहा है। प्रवक्ता राजकुमार उपाध्याय केलू ने कहा कि 25 साल में शर्मा परिवार ने केवल अपना हित देखा है। इन 25 सालों में डॉ शर्मा ने इटारसी के विकास के लिए प्रश्न नहीं लगाए। अब व्यक्तिगत कारणों को लेकर विस में प्रश्न लगा रहे हैं। गौशाला, द्वारकाधीश मंदिर सहित अन्य अतिक्रमणों को लेकर कांग्रेसी सीएम कमलनाथ को मिलेंगे। एमजीएम कॉलेज के बी ग्रेड में आने के दोषी भी डॉ. शर्मा हैं, क्योंकि उन्होंने कोई प्रयास ही नहीं किये। कॉलेज को हम फिर ए ग्रेड में लाएंगे। इनका विधानसभा अध्यक्ष का कार्यकाल पूरी तरह फेल रहा है। जिला पंचायत सदस्य विजय बाबू चौधरी ने कहा कि विधायक डॉ शर्मा ने इटारसी में शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए कुछ नहीं किया। विस अध्यक्ष का पद मिलने के बाद भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मिली। 30 साल में इटारसी से सटे गांव शहर में नहीं मिला सके जबकि होशंगाबाद में कई साल पहले 5 गांव आ चुके हंै। उन्होंने कहा कि विधायक ने शहर को केवल शिलान्यास पत्थर दिए हैं।
बाबू चौधरी ने कहा, 1 जुलाई 2015 को पुलिस चौकी के लोकार्पण करते समय कहा कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन वो भी बंद हो गई। बस स्टैंड भी अधूरा रह गया, केवल पत्थर लगे हंै। होशंगाबाद में पांच गांव सीमा में आ गए लेकिन इटारसी ही एक ऐसा है, जिसमे कोई गांव नहीं आ पा रहे हैं।
पूर्व मंडी अध्यक्ष रमेश बामने ने कहा, विधानसभा अध्यक्ष के रहते हुए मेरे ऊपर अतिक्रमण का आरोप लगाए। हाइवे पर अतिक्रमण कर शराब की दुकान चलाई जा रही है। जिस जमीन पर अतिक्रमण की बात करते हं,ै उसको खरीदी है, 3300 वर्गफुट का नपा से नक्शा पास कराया है। आरोप लगाने से मेरी छवि बिगड़ रही है। जनता को यह भी बताएं कि नपा में आपके प्रतिनिधि कल्पेश अग्रवाल से आपका क्या रिश्ता है।

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