बड़ादेव के दरबार में 92 जोड़ों ने थामा एकदूसरे का हाथ

बड़ादेव के दरबार में 92 जोड़ों ने थामा एकदूसरे का हाथ

– तिलकसिंदूर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह
– योजना में वधु को कपड़े देने का प्रावधान
– जींस और शर्ट पहनकर भी पहुंचे दूल्हे
– उम्मीद से ज्यादा पहुंच गये ग्रामीणजन
इटारसी। तिलक सिंदूर (Tilak Sindoor) में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Chief Minister Girl Marriage Scheme) अंतर्गत 92 जोड़ों ने एकदूसरे का हाथ थामकर जीवन में साथ चलने का वचन दिया। इनमें ज्यादातर आदिवासी (Tribal) जोड़े थे। हालांकि विवाह के लिए 102 का पंजीयन था। दस जोड़े किसी कारण से न आ सके। आयोजन में उम्मीद से ज्यादा ग्रामीण और शहरी लोग पहुंच गये थे। योजना में वधुओं को परिधान देने का प्रावधान है, वर को नहीं, अत: कुछ जोड़ों ने तो कमीज और जींस की पेंट पहने रस्में निभाई।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत भगवान शिव (Lord Shiva) के गुफा मंदिर (Cave Temple) तिलक सिंदूर के सामने मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सिवनी मालवा विधायक प्रेमशंकर वर्मा (Seoni Malwa MLA Premshankar Verma), अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मदन सिंह रघुवंशी (Sub-Divisional Officer Revenue Madan Singh Raghuvanshi), जनपद पंचायत केसला की सीईओ सुश्री वंदना कैथल (CEO of Janpad Panchayat Kesla Ms. Vandana Kaithal), जनपद अध्यक्ष गनपत सिंह उईके, भाजपा नेता शैलेन्द्र दीक्षित सहित आसपास के गणमान्यजन ने पहुंचकर वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। विधायक ने योजना अंतर्गत दी जाने वाली उपहार स्वरूप राशि वधुओं को प्रदान की।

बेहतर रहे इंतजाम

अनुविभागीय अधिकारी मदन सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में यहां की व्यवस्था इतनी दुरुस्त थी कि उम्मीद से ज्यादा लोग पहुंचने के बावजूद खाने की कमी नहीं होने दी। प्रशासन को यहां करीब पांच हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन लगभ आठ से दस हजार लोग पहुंच गये। बावजूद इसके लगातार खाना बनता रहा और लोग खाते रहे।

वधुओं को दिया सामान

विवाह समारोह में वधुओं को योजनांतर्गत दी जाने वाली सामग्री प्रदान की गई। प्रशासन ने ज्वेलरी, वधु के लिए कपड़े, 51 बर्तनों का सेट, पंखा, घड़ी, लोहे का पलंग, बिस्तर, प्रेशर कुकर व अन्य सामग्री प्रदान की। मंचीय आयोजन में उपस्थिति अतिथियों ने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके सफल, सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

सांस्कृतिक आयोजन हुए

आयोजन स्थल पर आदिवासियों के पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य का आयोजन भी किया गया था। धाईं नयापुरा के युवाओं की टीम ने अपने पारंपरिक नृत्य से विवाह समारोह में आये लोगों को भरपूर मनोरंजन किया और अपनी नृत्य कला से सबका मन मोह लिया। युवा टीम की इस प्रस्तुति की समारोह में आये सभी अतिथियों ने भी सराहना की।

भूमका ने कराये विवाह

आदिवासी जोड़ों के विवाह आदिवासी वैवाहिक पद्धति से उनके भूमकाओं ने कराये, जबकि विवाह आयोजन के अंतर्गत कुछ अन्य वर्ग के जोड़े भी आये थे। लगभग आठ ऐसे जोड़े भी शामिल हुए जो आदिवासी वर्ग के नहीं थे, इनके विवाह ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार से संपन्न कराये। इनके लिए आठ वेदी अलग से बनायी गयी थीं।

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AUTHORRohit

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