साहित्य परिषद का संभागीय सम्मेलन, विचार गोष्ठी, काव्य गोष्ठी हुई

साहित्य परिषद का संभागीय सम्मेलन, विचार गोष्ठी, काव्य गोष्ठी हुई

इटारसी। अखिल भारतीय साहित्य परिषद नर्मदापुरम संभाग का सम्मेलन ईश्वर रेस्टोरेंट में विचार गोष्ठी से आरंभ होकर काव्य गोष्ठी पर संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में हरदा, बैतूल एवं नर्मदापुराम जिलों के विकास खंडों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम 2 चरणों में संपन्न हुआ पहले चरण में साहित्य परिषद की आगामी कार्ययोजनाओं पर चर्चा हुई एवं दूसरे चरण में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। पहले चरण केकार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखिल भारतीय साहित्य परिषद मध्य प्रांत के महामंत्री आशुतोष शर्मा, विशेष अतिथि अखिल भारतीय साहित्य परिषद मध्य प्रदेश मध्य प्रांत के पूर्व महामंत्री जय नारायण राठौर एवं अध्यक्ष के रूप में संस्कार भारती के संतोष व्यास की मंच पर उपस्थिति रही।
मंचासीन अतिथि गणों के द्वारा मां सरस्वती का पूजन कर एवं दीप प्रज्वलित करने के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ ।
स्वागत उद्बोधन संभागीय अध्यक्ष बीके पटेल ने दिया एवं परिषद् की संभाग की विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आशुतोष शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय अधिवेशन में हमें जानकारी दी गई है कि आने वाले समय में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की भूमिका महत्वपूर्ण होने जा रही है। राष्ट्रीय साहित्य अकादमी ने निर्णय लिया है कि भावी समय के सारे कार्यक्रम अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में संपन्न होंगे पाठक मंच जैसी विभिन्न अन्य साहित्यिक संस्थाओं में नियुक्तियां अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष की अनुसंशा पर होंगी ।स्वतंत्रता संग्राम के ज्ञात एवं अज्ञात क्रांतिकारियों की जानकारी अखिल भारतीय साहित्य परिषद को एकत्र करनी है ।मध्य प्रांत के जिलों में 14 अगस्त 2022 के पहले 16 बड़े कवि सम्मेलन का आयोजन होना है जो साहित्य परिषद के तत्वावधान में होगा। इन कवि सम्मेलनों में मध्य प्रदेश के कवियों को ही काव्य पाठ की पात्रता रहेगी।
इसी क्रम में जय नारायण राठौर एवं संतोष व्यास ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन संभागीय महामंत्री कीर्ति वर्मा एवं जिला अध्यक्ष राजकुमार दुबे द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र काव्य गोष्ठी को समर्पित रहा इस सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में कन्या महाविद्यालय नर्मदापुरम के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ ज्ञानेंद्र पांडे एवं एमजीएम महाविद्यालय इटारसी के सेवानिवृत्त प्राचार्य विनोद कुमार सीरिया वा अध्यक्षता घोडाडोंगरी से
पधारे वरिष्ठ गजलकार संतोष जैन की रही। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कवि राजेंद्र मालवीय ने साहित्य परिषद की सदस्यता ग्रहण की। काव्य गोष्ठी का संचालन संयुक्त रूप से संभागीय अध्यक्ष बीके पटेल एवं जिला सचिव आरती शर्मा ने किया।
काव्य पाठ का आरंभ ईशा रामकूचे हरदा प्रेम के पहले अवसान देखा है बिखरता हुआ हर अरमान देखा है। मनोज हिन्दुस्तानी शाहपुर भोर वसंती लाओ कहीं से, लाओ शाम सुहानी रे सुभाष भारती नर्मदापुरम पहले जैसे गांव नहीं माखनलाल नागेश सतपुड़ा का लाडला पुत्र है केसाला है नीलगढ़ की वादियों में है केसला कीर्ति वर्मा माखननगर मैं घर हूं जरा तुम संभालो मुझे ना संभालोगे तो एक रोज मर जाऊंगी भगवान दास बेधड़क हम काले हैं पर काले काम नहीं करते प्रमिला किरण न्यूयार्ड हालात की तपिश ने पिघलने नहीं दिया मां ने उसको फिसलने नहीं दिया माखन मालवीय सिवनी मालवा तुम गुलाब के पौधे रखो, कांटो से मत डरना रामकिशोर नाविक सबकी नजरों से बचाकर खुद को हमने देखा है आरतीशर्मा नर्मदापुरम मौत तांडव खेल रही थी गलियों और चौराहों में संतोष व्यास नर्मदापुरम समय चुनौती देने आया पढ़ बेटी, अपनी किस्मत अपने हाथों से गढ़ बेटी संतोष जैन घोड़ाडोंगरी सात अश्कों के तबुस्सम को मिलाया जावे ,अपनी महफिल में तो रसखान को लाया जावे बीके पटेल सत्य को ये प्रमाण क्या देंगे ,तीर को ये कमान क्या देंगे। पंख पक्षी का कतरने वाले, उड़ने को आसमान क्या देंगे। काव्य गोष्ठी में जय कृष्ण चांडक हरदा रामकुमार बोहरे पिपरिया रामकृष्ण ठाकुर पिपरिया अमित बिल्लोरे सोहागपुर बृजेश त्रिवेदी बागरातवा सुनील पांसे बैतूल पुष्पक देशमुख बैतूल धर्मेंद्र खोंसे बैतूल मनोज आरसे बैतूल आदि कवियों ने भी काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ विनोद कुमार सीरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि कवि अपनी अभिव्यक्ति से ज्ञानामृत का प्रवाह करता हैं, जो मानवीय संवेदनाओं को अमरत्व प्रदान करता है,यही रचनाकार की सामाजिक आवश्यता और महत्व की ओर इंगित करता है।इस कार्य में कविता का महत्व पूर्ण योगदान है। आभार राजकुमार दुबे ने माना।

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AUTHORRohit

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