केसला की सूखी नदी को मिलेगी जीवनधारा

केसला की सूखी नदी को मिलेगी जीवनधारा

– मनरेगा के अंतर्गत जनपद पंचायत ने कराया काम
इटारसी। जनपद पंचायत केसला (Janpad Panchayat Kesla) के अंतर्गत ग्राम पंचायत केसला और ग्राम पंचायत मोरपानी (Gram Panchayat Morpani) के बीच बहने वाली सूखी नदी को जीवनधारा मिली है। जनपद पंचायत ने यहां कार्य कराके जगह-जग भूमिगत डाईक (Underground Dyke) का निर्माण कराया है।
जनपद पंचायत केसला में सूखी नदी (Dry River) ग्राम पंचायत केसला और ग्राम पंचायत मोरपानी से बहती हुई तवा डेम के जल भराव क्षेत्र में मिलती है। इस नदी का सामान्यत: प्रवाह वर्षा ऋतु के बाद बंद हो जाता है। ग्राम पंचायत केसला एवं मोरपानी में सूखी नदी पर जगह-जगह भूमिगत डाईक का निर्माण किया गया है।

क्या है भूमिगत डाईक

भूमिगत डाईक मिट्टी का ऐसा बांध है, जो नदी तल में जमीन के नीचे बहने वाले पानी को रोकता है। कई क्षेत्रों में जहां जलग्रहण क्षेत्र बड़ा हो और भूमिगत क्षेत्र अनुकूल हो, वहां भूजल प्रवाह नाला/नदी सूखने के बाद भी वर्ष के अधिकांष समय के लिए बना रहता है। जमीन के नीचे वाले पत्थर, रेत एवं अन्य पदार्थ अलग-अलग परतों में पाये जाते हैं, जिनमें से कुछ परते जल युक्त होती हैं। इन्हीं जल परतों का पानी हमें कुओं में उपलब्ध होता है। भूमिगत डाईक इन जल परतों में पाये जाने वाले पानी के प्रवाह को रोकता है, इससे पानी अपना रास्ता बदलकर आसपास के कुओं में प्रवेश करता है। डाईक ऐसा बांध है, जिससे रोका हुआ पानी किसी का खेत नहीं डुबाता और न ही वाष्पीकरण से इसके पानी में कमी आती है, जिससे उपरोक्त दोनों ग्रामों में जल स्तर में बढ़ोतरी हुयी है तथा नदी के प्रवाह को अधिक समय तक जीवित रखा जा सकेगा, जिससे निस्तारी हेतु पानी आसानी से उपलब्ध होगा। ग्राम पंचायत केसला एवं मोरपानी में मनरेगा योजना से वित्तीय सूखी नदी पर भूमिगत डाईक निर्माण करवाया गया है जिससे इन ग्राम पंचायतों में जल स्तर में वृद्धि हुयी है।

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AUTHORRohit

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