बजट 2021 में जानिए इसकी जरूरी बातें

बजट 2021 में जानिए इसकी जरूरी बातें

बजट 2021: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को आम बजट पेश किया। सरकार ने पेट्रोल (Patrol) पर 2.5 रुपए और डीजल (diesel) पर 4 रुपए एग्री सेस का प्रस्ताव रखा है। यह 2 फरवरी से लागू हो जाएगा। हालांकि, वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि इसका बोझ आम आदमी पर नहीं आने दिया जाएगा। इसके लिए बेसिक एक्साइज ड्यूटी और स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटा दी गई है।

साथ ही इंश्योरेंस सेक्टर (Insurance Sector) में FDI की लिमिट 49% से बढ़ाकर 74% कर दी गई है। बजट में मिडिल क्लास खाली हाथ ही रहा। सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया, न ही कोई छूट दी। हालांकि, किफायती घर खरीदने वालों को ब्याज में 1.5 लाख रुपए की एक्स्ट्रा छूट का समय एक साल बढ़ाकर मार्च 2022 तक कर दिया। वहीं 75 साल से ज्यादा उम्र वाले पेंशनर्स को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट भी दी है।

टैक्स से जुड़े ऐलान

वित्त मंत्री ने कहा कि आजादी की 75वीं सालगिरह पर हम 75 साल और उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजंस को राहत देना चाहते हैं। उन्हें अब IT रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं होगी।
अभी टैक्स रिअसेसमेंट 6 साल और गंभीर मामलों में 10 साल बाद भी केस खोले जा सकते थे। अब इसे घटाकर 3 साल किया जा रहा है। गंभीर मामलों में जब एक साल में 50 लाख से ज्यादा की इनकम छिपाने की बात होगी, तभी 10 साल तक केस खोले जा सकेंगे। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर ही इसकी मंजूरी देंगे।
85 हजार करोड़ रुपए के टैक्स डिस्प्यूट हाल ही में खत्म हुए हैं। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन कमेटी बनाई जाएगी। 50 लाख तक की इनकम और 10 लाख तक की विवादित इनकम वाले लोग इस कमेटी के पास जा सकेंगे। ये कमेटी फेसलेस होगी। नेशनल फेसलेस अपीलेट ट्रिब्यूनल भी बनेगा।
अगर अभी टर्नओवर 1 करोड़ से ज्यादा हो जाता है तो टैक्स ऑडिट कराना होता है। 95% डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वालों के लिए यह छूट बढ़ाकर पिछली बार 5 करोड़ टर्नओवर की गई थी। इसे बढ़ाकर अब 10 करोड़ किया जा रहा है।
किफायती घर खरीदने वालों को लोन के इंटरेस्ट पेमेंट पर टैक्स डिडक्शन में 1.5 लाख रुपए की एक्स्ट्रा छूट का समय एक साल और बढ़ा दिया है। यानी 31 मार्च 2022 तक लिए गए लोन इस छूट के दायरे में आएंगे।

इंश्योरेंस-बैंकिंग सेक्टर के लिए

इंश्योरेंस एक्ट 1938 में बदलाव होंगे। इंश्योरेंस सेक्टर में FDI को 49% से बढ़ाकर 74% किया जाएगा।
IDBI के साथ-साथ दो बैंक और एक पब्लिक सेक्टर कंपनी में विनिवेश होगा। इसके लिए कानून में बदलाव होंगे। LIC के लिए भी IPO लाया जाएगा।
सरकारी बैंकों में 20,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा, बैंकों को NPA से छुटकारा दिलाने के लिए एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी और एसेट मैनेजमेंट कंपनी बनाई जाएगी।
असम-बंगाल की टी-वर्कर्स महिलाओं के लिए 1000 करोड़
वित्त मंत्री ने कहा, “अगली जनगणना पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस पर इस साल 3768 करोड़ रुपए खर्च होंगे। गोवा पुर्तगाल से आजादी का डायमंड जुबली ईयर सेलिब्रेट कर रहा है। इसके लिए 300 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। असम और बंगाल की महिला टी-वर्कर्स और उनके बच्चों के लिए 1000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।”

एजुकेशन के लिए

एनजीओ, राज्य सरकारों और प्राइवेट सेक्टर की मदद से 100 नए सैनिक स्कूलों की शुरुआत होगी।
लद्दाख में हायर एजुकेशन के लिए लेह में सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।
आदिवासी क्षेत्रों में 750 एकलव्य मॉडल स्कूलों में सुविधाओं का सुधार होगा।
अनुसूचित जाति के 4 करोड़ बच्चों के लिए 6 साल में 35219 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
आदिवासी बच्चों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप भी लाई जाएगी।

हेल्थ के लिए

कोरोना वैक्सीन पर 2021-22 में 35,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो और ज्यादा फंड दिया जाएगा।
न्यूट्रिशन पर भी ध्यान दिया जाएगा। मिशन पोषण 2.0 शुरू किया जाएगा। वॉटर सप्लाई भी बढ़ाएंगे। 5 साल में 2.87 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे।
शहरी इलाकों के लिए जल जीवन मिशन शुरू किया जाएगा। शहरी स्वच्छ भारत मिशन पर 1.48 लाख करोड़ 5 साल में खर्च होंगे।
निमोकोक्कल वैक्सीनेशन देशभर में शुरू किया जाएगा। इससे 50 हजार बच्चों की हर साल जान बचाई जा सकेगी।
64,180 करोड़ रुपए के बजट के साथ प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना शुरू होगी। यह बजट नई बीमारियों के इलाज के लिए भी होगा।
70 हजार गांवों के वेलनेस सेंटर्स को इससे मदद मिलेगी। 602 जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल शुरू होंगे। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल को मजबूत किया जाएगा।
इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन पोर्टल शुरू किया जाएगा ताकि पब्लिक हेल्थ लैब्स को कनेक्ट कर सकें। 15 हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर्स शुरू किए जाएंगे। 9 बायो सेफ्टी लेवल 3 लैब शुरू होंगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर

इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट की जरूरत है। इसके लिए एक बिल लाया जाएगा। 20 हजार करोड़ रुपए इस पर खर्च होंगे ताकि 5 लाख करोड़ रुपए का लैंडिंग पोर्टफोलियो 3 साल में बनाया जा सके।
पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को मॉनेटाइज करने पर ध्यान दिया जाएगा। नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन लॉन्च होगी। इसका एक डैशबोर्ड बनेगा ताकि इस मामले में हो रही तरक्की को देखा जा सके।
नेशनल हाईवेज अथॉरिटीज भी अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करेंगी। रेलवे भी फ्रेट कॉरिडोर को मॉनेटाइज करेगी। आगे जो भी एयरपोर्ट बनेंगे, उनमें भी मॉनेटाइजेशन पर ध्यान दिया जाएगा।
रेलवे

मेट्रो

शहरी इलाकों में बस ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू किया जाएगा। 20 हजार बसें तैयार होंगी। इससे ऑटो सेक्टर को मदद मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा।
702 किमी मेट्रो अभी चल रही हैं। 27 शहरों में कुल 1016 किमी मेट्रो पर काम चल रहा है। कम लागत से टियर-2 शहरों में मेट्रो लाइट्स और मेट्रो नियो शुरू होंगी।
कोच्चि मेट्रो में 1900 करोड़ की लागत से 11 किमी हिस्सा बनाया जाएगा। चेन्नई में 63 हजार करोड़ रुपए की लागत से 180 किमी लंबा मेट्रो रूट बनेगा।
बेंगलुरु में भी 14788 करोड़ रुपए से 58 किमी लंबी मेट्रो लाइन बनेगी। नागपुर 5976 करोड़ और नासिक में 2092 करोड़ से मेट्रो बनेगी।
चुनाव वाले राज्यों के लिए

कस्टम ड्यूटी

400 पुरानी छूट का रिव्यू जाएगा। यह सलाह-मशविरे के जरिए होगा। इस साल 1 अक्टूबर से रिवाइज्ड कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर शुरू होगा।
आयरन एंड स्टील पर कस्टम ड्यूटी घटाई जा रही है ताकि मेटल रिसाइकलर्स को मदद मिल सके। कॉपर स्क्रैप में भी ड्यूटी हटाई जाएगी।
गोल्ड एंड सिल्वर पर अभी 12.5% कस्टम ड्यूटी है। इसे रेशनलाइज किया जाएगा। ऑटो पार्ट्स पर 15% कस्टम ड्यूटी होगी।
किसानों की मदद के लिए कॉटन पर 10%, कच्चे रेशम और रेशम सूत पर 15% कस्टम ड्यूटी होगी।

व्हीकल स्क्रैपिंग

वॉलंटरी व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी लाई जाएगी, ताकि पुरानी गाड़ियों को हटाया जा सके। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट होगा। पर्सनल व्हीकल 20 साल बाद और कमर्शियल व्हीकल 15 साल बाद स्क्रैप किए जा सकेंगे।

राजकोषीय घाटा कम करने का अनुमान
वित्त मंत्री ने कहा कि हमने लॉकडाउन खत्म होने के बाद सरकारी खर्च बढ़ाया है। 2020-21 में 30.42 लाख करोड़ रुपए के सरकारी खर्च का अनुमान था, जो बढ़कर 34.5 लाख करोड़ रुपए हो गया। 2020-21 में राजकोषीय घाटा GDP का 9.5% है। इसकी भरपाई के लिए हमें 80 हजार करोड़ रुपए और चाहिए। इसके लिए हमें बाजार से उम्मीद है। 2021-22 में 34.83 लाख करोड़ रुपए के सरकारी खर्च का अनुमान है। 2021-22 में राजकोषीय घाटा GDP का 6.8% रहने का अनुमान है। 2025-26 तक इसे घटाकर 4.5% करना चाहते हैं। कंटीजेंसी फंड को 500 करोड़ से बढ़ाकर 30 हजार करोड़ रुपए करने का प्रावधान है।

मोदी ने कहा- बजट में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के सामान्य आदमी और महिलाओं का जीवन आसान बनाने के साथ ही स्वास्थ्य, पोषण, शुद्ध जल पर विशेष जोर दिया गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में किए गए बदलावों का फायदा रोजगार निर्माण में दिखाई देगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी जोर दिया गया है। किसानों को आसानी से ज्यादा कर्ज मिल सके, इसके प्रावधान किए गए हैं। MSME सेक्टर का बजट भी पिछले साल से दोगुना कर दिया गया है। ये बजट आत्मनिर्भरता के उस रास्ते को लेकर आगे बढ़ा है, जिसमें देश के हर नागरिक की प्रगति शामिल है। ये इस दशक के शुरुआत की मजबूत नींव रखने वाला है।

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