नेशनल साइंस डे : सारिका ने लगाई किशोरियों की क्लास

नेशनल साइंस डे : सारिका ने लगाई किशोरियों की क्लास

– वैज्ञानिक शब्द में महिलाओं की छवि भी ध्यान आये -सारिका
– स्कूल, कॉलेजों में महिला वैज्ञानिकों के चित्र लगाने की आवश्यकता
इटारसी। नेशनल साइंस डे (National Science Day) के अवसर पर आदिवासी किशोरियों को भारतीय महिला वैज्ञानिकों के विगत एक दशक में किये योगदान को बताने नेशनल अवार्ड (National Award) प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू (Sarika Gharu) ने आदिवासी ग्राम जालीखेड़ा (Village Jalikheda) में क्लास किशोरियों की कार्यक्रम का आयोजन किया।

इसमें भारतीय महिला वैज्ञानिक, मंगलयान मिशन (Mangalyaan Mission) की प्रोजेक्ट मेेनेजर मौमिता दत्ता (Project Manager Moumita Dutta), डीआरडीओ (DRDO) की मिसाईल वुमन (Missile Woman) के नाम से जाने जाने वाली टेसी थामस (Tessy Thomas), चंद्रयान टू (Chandrayaan II) की परियोजना निदेशक मुथैया वनिता (Muttiah Vanitha), मंगलयान मिशन की डिप्टी आपरेशन डायरेक्टर रितु करढ़ाल (Deputy Operation Director Ritu Kardhal) तथा वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग (Virologist Gagandeep Kang) के जीवन के बारे में जानकारी देकर किशोरियों को विज्ञान कैरियर (Career) के लिये प्रोत्साहित किया।
सारिका ने बताया कि इस साल की थीम (Theme) सतत भविष्य के लिये विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण है। आजादी के अमृत महोत्तव मनाते हुये जनजातीय वर्ग की किशोरियों को विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में आगे लाने के लिये सघन प्रयास की अवश्यकता है। जब भी कोई विद्यार्थी किसी वैज्ञानिक का ध्यान करे तो पुरूष वैज्ञानिकों के साथ महिला वैज्ञानिकों के कार्यों का ध्यान आये इसके लिये उचित वातावरण बनाने की आवश्यकता है।

क्यो मनाया जाता है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

सारिका ने बताया कि इसे सर चंद्रशेखर वैंकट रमन (Sir Chandrasekhar Venkata Raman) ने 28 फरवरी 1928 को अपनी महत्वपूर्ण खोज रमन प्रभाव को सावर्जनिक किया था। उनकी इस खोज के लिये 1930 में उन्हें भौतिकी क्षेत्र में नोबल पुरस्कार (Nobel Prize) से सम्मानित किया गया था।उनकी इस कामयाबी को याद रखने के लिये भारत में प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। पहला साइंस डे (Science Day) 28 फरवरी 1987 को मनाया गया था। इसको मनाने का उद्देश्य सर सीवी रमन को सम्मान देने के साथ आम लोगों को विज्ञान के प्रति जागरूक करना, विज्ञान का महत्व को समझाना , बच्चों को विज्ञान के कैरियर के रूप में चुनने के लिये प्रोत्साहित करना है।

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AUTHORRohit

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