नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान बताकर दिलायी शपथ

नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान बताकर दिलायी शपथ

इटारसी। किसानों को नरवाई न जलाने एवं नरवाई के उचित प्रबंधन हेतु कलेक्टर (Collector) के निर्देशानुसार विकासखंड केसला के प्रत्येक ग्राम में खेत पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है।इस दौरान कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, राजस्व विभाग, उद्यानिकी विभाग, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन ग्रुप (Farmer Producer Organization Group), रिलायंस फाउंडेशन ग्रुप (Reliance Foundation Group) के अधिकारी-कर्मचारी भी खेत पाठशाला कार्यक्रम में जुड़कर कृषकों को नरवाई में आग लगाने से भूमि की उर्वरा शक्ति कम होना, पर्यावरण का प्रदूषित होना, मित्र कीटों का समाप्त होना आदि होने वाले दुष्प्रभावों से कृषकों को जागरूक कर रहे हैं।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राजेंद्र राजपूत (Senior Agriculture Development Officer Rajendra Rajput) ने बताया कि अभी तक केसला विकासखंड के अनेक वन ग्रामों में खेत पाठशाला का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा चुका है। खेतों की नरवाई का कैसे किसान उचित प्रबंधन करें, उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग से डी कंपोजर कैप्सूल (D Composer Capsule) का उपयोग कर नरवाई को खाद में कैसे परिवर्तित कर सकते हैं, इसकी जानकारी निरंतर खेत पाठशाला के माध्यम से कृषकों को दी जा रही है।
आज ग्राम भाड़भूड़ विस्थापित ग्राम में खेत पाठशाला का आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में किसान सम्मिलित हुए। इस अवसर पर कृषि विभाग से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राजेंद्र राजपूत, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राजेंद्र ठाकुर (Rajendra Thakur), गणेश वर्मा रिलायंस फाउंडेशन (Ganesh Verma Reliance Foundation), सरपंच हरि राम मरकाम (Hari Ram Markam), मुकुल दुबे (Mukul Dubey) ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कृषि विभाग के अधिकारियों ने कृषकों को नरवाई न जलाने एवं उचित प्रबंधन हेतु शपथ दिलाई।

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AUTHORRohit

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