यहां के लोगों ने नहीं बनाने दी रोड, रोड बनाने से पहले रख दी ये शर्त

यहां के लोगों ने नहीं बनाने दी रोड, रोड बनाने से पहले रख दी ये शर्त

इटारसी। लोग अपने क्षेत्र में एक अच्छी और पक्की सड़क की आस में प्रशासन की ओर ताकते रहते हैं और नगर में एक क्षेत्र ऐसा भी है, जो नगर पालिका को रोड का काम आगे नहीं बढ़ाने दे रहा है। रोड का काम नब्बे फीसद हो गया है। केवल दस फीसद काम के पहले रहवासियों ने अपनी शर्त रख दी। अधिकारियों की समझाइश का भी इन पर असर नहीं हुआ तो आखिरकार बिना रोड का काम प्रारंभ किये मशीनों के साथ रोड बनाने वाला अमला लौट गया।
हम बात कर रहे हैं, नेशनल हाईवे 69 से बंगलिया के बंद रेलवे गेट तक करीब 78 लाख रुपए की लागत से बन रही रोड की, जो अवामनगर से होकर गुजरती है। इस रोड का काम लगभग नब्बे फीसद पूर्ण हो चुका है। अब इसे नेशनल हाई से जोड़ने के लिए लगभग डेढ़ सौ मीटर रोड और बनना है। किसी कारण से विगत एक माह से रोड का काम रुका था। आज ठेकेदार की टीम रोड का काम प्रारंभ करने पहुंची तो करीब आधा सैंकड़ा लोग जमा हो गये और रोड बनाने से रोक दिया। उनकी मांग है कि पहले पुलिया बनायी जाए, तभी रोड का काम करने देंगे। मामले में एक अहम पहलू यह भी है कि यहां रहवासियों के दो समूह बन गये थे। एक समूह चाह रहा था कि रोड बन जाए और दूसरा समूह रोड बनाने से रोक रहा था।

मशीनों के आगे लेट गये
जो लोग रोड बनाने से पहले पुलिया बनाने की मांग कर रहे थे, उन्होंने रोड का काम प्रारंभ न हो, इसके लिए पूरा जोर लगा दिया। वे मषीनों के आगे लेट गये और काम ही नहीं करने दे रहे थे। उनका कहना था कि पुलिया नहीं बनने से उनके यहां की बाढ़ की समस्या हल नहीं होगी। रोड की हाइट बढ़ जाने से पानी रुकेगा और उनके घरों में घुसेगा। नगर पालिका के सब इंजीनियर आदित्य पांडेय (Sub Engineer Aditya Pandey) सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया कि पुलिया बनने के बाद भी उनकी बाढ़ की समस्या में कोई सुधार नहीं आने वाला है, क्योंकि इस क्षेत्र में जो बसाहट है, वह पहाड़ी नाले के किनारे है, जहां बाढ़ आती है। रोड नहीं थी तब भी बाढ़ आती थी। दरअसल, एक पक्ष रोड बनाने से सहमत था और विरोध कर रहे लोगों को ही कह रहा था कि उनके मकान गलत जगह और अव्यवस्थित हैं, इसलिए बाढ़ आती है।

पुलिया स्वीकृत ही नहीं है
सब इंजीनियर आदित्य पांडेय ने बताया कि यहां पुलिया स्वीकृत ही नहीं है। उसके लिए प्रस्ताव बनाना होगा और पुलिया स्वीकृत कराने के बाद ही यह काम हो सकेगा। उनका कहना था कि पुलिया का प्रस्ताव बनाकर उसकी स्वीकृति लेने में वक्त लग जाएगा, उसके लिए भी हम प्रक्रिया प्रारंभ कर देंगे, लेकिन अभी रोड का काम पूरा हो जाने दो। रहवासियों ने उनकी कोई बात नहीं मानी और वे पुलिया निर्माण की मांग पर अड़े ही रहे। उनका कहना था कि रोड बनने के बाद पुलिया नहीं बनेगी और उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सकेगा। जब अधिकारियों की समझाइश का कोई असर नहीं हुआ तो आखिरकार ठेकेदार को अपनी मशीनें और अन्य उपकरण लेकर वापस आना पड़ा। इस तरह से विगत एक माह से बंद रोड निर्माण का कार्य आज भी प्रारंभ होने से पूर्व विरोध के चलते शुरू नहीं किया जा सका।

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