सिंधु महोत्सव में आकर्षक रहा नृत्य और नाटिका का अनूठा संगम

सिंधु महोत्सव में आकर्षक रहा नृत्य और नाटिका का अनूठा संगम

इटारसी। सिंधी साहित्य अकादमी मप्र (Sindhi Sahitya Akademi MP) संस्कृति परिषद भोपाल (Bhopal) द्वारा पूज्य पंचायत सिंधी समाज एवं भारतीय सिंधु सभा शाखा इटारसी के सहयोग से सिंधु महोत्सव का आयोजन पं. भवानीप्रसाद मिश्र सभागार (Pt. Bhavaniprasad Mishra Auditorium) में किया गया। जहां कलाकारों ने नृत्य और नाटक की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।सिंधी साहित्य अकादमी मप्र के निदेशक राजेश वाधवानी (Rajesh Wadhwani) ने पूज्य सिंधी पंचायत समाज व भारतीय सिंधु सभा इटारसी (Itarsi) के सहयोग से अकादमी द्वारा आयोजित सिंधु महोत्सव में कहा कि साहित्य समाज को एक दिशा प्रदान करता है, साहित्य के माध्यम से बच्चे समाज व राष्ट्र के गौरव को जान सकते हैं इसलिए बच्चों में साहित्य के प्रति रुचि जगाने का प्रयास करना आवश्यक है। मुख्य अतिथि भारतीय सिंधु सभा मप्र के प्रांतीय अध्यक्ष गुलाब ठाकुर (Gulab Thakur) ने कहा कि 23 मार्च से शहीद हेमू कालानी (Hemu Kalani) जन्म शताब्दी वर्ष आरंभ हो रहा है। इस दौरान वर्ष भर अमर शहीद की स्मृति में आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारत के स्वतंत्रता संग्राम तथा शहीदों के बलिदान की जानकारी देना भी जरूरी है। कार्यक्रम में पूज्य पंचायत सिंधी समाज के अध्यक्ष धर्मदास मिहानी (Dharamdas Mihani), कैलाश नवलानी (Kailash Navlani), भारतीय सिंधु सभा इटारसी शाखा के अध्यक्ष गोपाल सिद्धवानी (Gopal Sidhwani), भारतीय सिंधी सभा युवा शाखा के अध्यक्ष रिक्की बलेचानी (Rikki Balechani) और महिला शाखा की अध्यक्ष पूनम चेलानी (Poonam Chelani) सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।
इस अवसर पर रंग समूह भोपाल द्वारा सिंधी नाटक जिंदगीअ जा रंग की प्रस्तुति दी गई। सरस्वती डांस ग्रुप भोपाल ने पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति दी। सबसे पहले कलाकारों ने नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी, दो नृत्यों की बाद जिंदगीअ जा रंग नाट्य की प्रस्तुति हुई, जिसमें कलाकार विजय ज्ञानचंदानी, मीना पहिलाजानी, गुलराज पहिलाजानी, लखन परियानी,भावना जगवानी, कल्पना चंदानी, पिंकी लालवानी, राकेश शेवानी, ज्योति चावला, कमलेश नाथानी द्वारा नाट्य का मंचन किया गया। इस नाट्य के डायरेक्टर अशोक बुलानी एवं संगीत उत्कर्ष जगवानी और लेखक राकेश शेवानी भी मौजूद रहे। समापन के पूर्व दो नृत्य और हुए। नाट्य एवं नृत्य की प्रस्तुति देखने बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरूष एवं बच्चे मौजूद रहे।

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AUTHORRohit

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