जानिये, हेड क्वार्टर से ‘यस’ मिलते ही सेना इतने दिन में बना देगी बेली ब्रिज

जानिये, हेड क्वार्टर से ‘यस’ मिलते ही सेना इतने दिन में बना देगी बेली ब्रिज

– हेड क्वार्टर (Head Quarter) से ‘यस’ (‘Yes’) मिलते ही युद्धस्तर पर होगा काम
– तीन दिन में बेली ब्रिज (Bailey Bridge) तैयार कर ट्रैफिक (Traffic) बहाल हो जाएगा
– सुखतवा नदी (Sukhtawa River) पर रविवार को टूटा था डेढ़ सौ वर्ष पुराना पुल
इटारसी। नेशनल हाईवे 46 (National Highway 46) पर सुखतवा नदी पर रविवार को टूटे डेढ़ सदी पुराने पत्थर से बना पुल टूट जाने के चौबीस घंटे से अधिक हो चुके हैं और अब तक यहां से यातयात बहाल नहीं हो सका है। इस बीच अच्छी खबर यह है कि अब यह आपरेशन सेना के हाथ में चला गया है।
आज सुबह सेना की 58 इंजीनियरिंग कोर बैरागढ़ (58 Engineering Corps Bairagarh) की टीम भी सुखतवा पहुंच गयी और सर्वे के साथ ही पूरा नापजोख करके नक्शा आदि तैयार करके रिपोर्ट (Report) अपने मुख्यालय भी भेज दी है। जैसे ही मुख्यालय से सामग्री प्राप्त होगी, सेना की टीम ब्रिज निर्माण (Bridge) का काम प्रारंभ कर देगी और लगभग तीन दिन में ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा। ब्रिज तैयार होते ही यहां से यातायात बहाल हो जाएगा। आज सुबह से सेना की टीम ने टूटे हुए ब्रिज की तकनीकि तौर पर पड़ताल की और आगे की संभावनाएं तलाशीं। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी मदन सिंह रघुवंशी (Sub-Divisional Officer Madan Singh Raghuvanshi) और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी भी साथ में रहे।

40 टन क्षमता का होगा बेली ब्रिज

आर्मी (Army) की इंजीनियरिंग टीम (Engineering Team) ने फिलहाल ब्रिज का सर्वे कर रिपोर्ट हेड क्वार्टर को भेज दी है। जो ब्रिज टूटा है, उसी पर एक बेली ब्रिज तैयार करने किया जाएगा। बेलीब्रिज वह ब्रिज है तो सेना पहाड़ों पर लोहे के गर्डर से शीघ्रता से तैयार करती है। यह इतना मजबूत होता है कि इस पर से आर्मी के टैंक, वाहन, माल वाहक वाहन भी गुजर जाते हैं। यह खासकर पहाड़ी नदियों पर बनता है। यहां बनने वाला बेली ब्रिज 40 टन भार क्षमता का हो सकता है जिस पर रूटीन के वाहन बस, कार, डंपर आदि निकल सकें। कल जो ट्राला निकला था, उस तरह के वाहन इस पर से नहीं निकल सकेंगे। अलबत्ता रूटीन के वाहन निकालकर व्यवस्था बहाल करने के लिए आर्मी तैयारी कर रही है।

इनका कहना है…

सेना की 58 इंजीनियरिंग कोर बैरागढ़ की टीम ने आकर ब्रिज देखा और सर्वे करके नापजोख किया तथा संपूर्ण रिपोर्ट हेड क्वार्टर भेज दी है। हेड क्वार्टर से सामग्री मिलने पर सेना बेली ब्रिज का काम प्रारंभ करेगी और संभवत: तीन दिन में ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा।
मदन सिंह रघुवंशी, एसडीएम इटारसी

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AUTHORRohit

I am a Journalist who is working in Narmadanchal.com.

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