इसका हर एक कोना अपने आप में ही खास माना जाता है।
इटारसी। भारत का दिल कहा जाने वाला मध्य प्रदेश पूरे देश में अपनी खूबसूरती के लिए पहचाना जाता है। इसका हर एक कोना अपने आप में ही खास माना जाता है। यहां के हर टूरिस्ट स्पॉट पर आपको कुछ ना कुछ अनोखा और खूबसूरत देखने को जरूर मिलेगा।
ओरछा
ओरछा (Orcha) का नाम ही इसकी खासियत को झलकाता है। ओरछा शब्द का मतलब होता है गुप्त स्थान। पहाड़ों की गोद में बसी यह जगह झांसी से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। ओरछा में कदम रखते ही आप खुद को इतिहास के बीते पलों में महसूस करने लगेंगे जिनकी आप अब तक कहानियां ही सुनते आए हैं। इतिहास के वो पन्ने जब राजा दरबार में बैठे होते थे, सैनिक अस्त्र-शस्त्र लेकर महल में खड़े होते थे और रानियां परदे के पीछे से दरबार को देख रही होती थीं, वो सब आपके सामने खुल से जाएंगे।
कान्हा नेशनल पार्क
कहा जाता है कि लेखक रुडयार्ड किपलिंग को ‘जंगल बुक’ नाम की अपनी विश्व प्रसिद्ध उपन्यास लिखने के लिए प्रेरणा इसी जंगल से मिली थी। कान्हा नेशनल पार्क अपने संरक्षण के लिए पूरे दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां आपको अलग-अलग प्रजातियों के जानवर देखने को मिलते हैं। अपनी एक अलग ही खूबसूरती समेटे ये पार्क 1945 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।
खजुराहो
खजुराहो कामुक मूर्तियों से सजी मंदिरों के लिए जाना जाता है। इसका नाम खजुराहो इसलिए पड़ा क्योंकि यहां पाए जाने वाले खजूर के जंगल पूरी दुनिया में मशहूर है।
सांची
सांची प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित एक छोटा सा गांव है जो कि स्मारकों और बौद्ध स्तूपों के लिए प्रसिद्ध है। इसे शांति, पवित्रता, धर्म और साहस का प्रतीत माना जाता है। कहा जाता है कि सम्राट अशोक ने इसका निर्माण बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए कराया था।
महेश्वर
खरगौन में स्थित महेश्वर इन दिनों बॉलीवुड में भी एक पसंदीदा लोकेशन के रूप में मशहूर हो रहा है। यहां के किले और घाट की खूबसूरती एमपी को एक अलग ही खूबसूरती देती है। यहां की महेश्वर साड़ियां भी पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी हैं।
मांडू
मांडू को एक रहस्यमयी नगरी के रूप में भी जाना जाता है। करीबन 2000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस जगह को सुलतानों ने ‘खुशियों का शहर’ नाम दिया था। इस जगह की सबसे आकर्षक बात यह है कि यहां दाखिल होने के लिए 12 दरवाजे मौजूद हैं। यहां मौजूद जहाज महल और हिंडोला महल इसको और भी खास बनाता है।
ओंकारेश्वर
ओंकारेश्वर का मंदिर आस्था का एक रूप माना जाता है। यह खंडवा जिले में यह मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगओं में से एक है। शास्त्र में ये माना गया है कि कोई भी तीर्थयात्री देश के भले ही सारी तीर्थयात्रा कर ले लेकिन जब तक वह यहां आकर तीर्थों का जल नहीं चढ़ाता तब तक उसके सारे तीर्थ अधूरे माने जाते हैं।
पंचमढ़ी
यह प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। यह जगह इतनी खूबसूरत है कि इसे सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है। यहां के घने जंगल, वॉटरफॉल और तालाब इसे एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट बनाते हैं। यहां की गुफाओं का भी बहुत महत्व है जिसका मुख्य कारण है यहां पाए जाने वाले शैलचित्र।
अमरकंटक
पहाड़ियों में स्थित अमरकंटक हिन्दुओं द्वारा बहुत ही पवित्र स्थान माना जाता है। यहां स्थित धुनी पानी, नर्मदाकुंड और मंदिर, दूधधारा, कलचुरी काल के मंदिर, कबीर चबूतरा और सर्वोदय जैन मंदिर इसी जगह की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं।
ग्वालियर का किला
इस किले पर कई राजपूत राजाओं ने राज किया। इस किले की दीवारों का बहुत अच्छे तरीके से ख्याल रखा जाता था। यहां कई ऐतिहासिक स्मारक जैसे कि बुद्ध और जैन मंदिर, महल (गुजारी महल, मानसिंह महल, जहांगीर महल, करण महल, शाहजहां महल) मौजूद हैं।











