नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बागड़ा बफर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लालमाता बैरियर पर हुआ विवाद अब तूल पकड़ चुका है। वन विभाग के कर्मचारियों और तवा डैम के स्थल सहायक बसारत खान के बीच उपजे इस विवाद में दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है। हालांकि, घटना की असली सच्चाई क्या है, यह तो निष्पक्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
बसारत खान का पक्ष : ‘परिवार के साथ लौटते वक्त हुआ दुर्व्यवहार
तवा डैम के स्थल सहायक बसारत खान ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। बसारत खान का कहना है कि वे 3 जून को अपने परिवार सहित एक विवाह समारोह में शामिल होने पचमढ़ी गए थे, जिसकी एंट्री तवा बांध नाके के रजिस्टर में भी दर्ज है। उनके अनुसार, 6 जून की रात करीब 10 बजे जब वे परिवार के साथ वापस लौट रहे थे, तब तवा बांध रोड स्थित नाके पर तैनात कर्मचारी रूपेश कुमार त्रिवेदी ने उनके चालक के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नाकेदार कथित तौर पर नशे की हालत में था और नियमों का हवाला देकर वाहन को जबरन रोक रहा था। आपत्ति जताने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और गाड़ी की चाबी तक छीनने का प्रयास किया गया, जिससे उनके परिवार को मानसिक तनाव और भय का सामना करना पड़ा।
वन कर्मचारियों का दावा : ‘शासकीय कार्य में बाधा और नियमों का उल्लंघन’
दूसरी ओर, वन कर्मचारियों ने उप संचालक को आवेदन देकर बसारत खान पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। वन विभाग का कहना है कि लालमाता बैरियर बागड़ा बफर क्षेत्र का बेहद संवेदनशील प्रवेश बिंदु है, जहां वन्यजीवों की सुरक्षा के मद्देनजर सूर्यास्त के बाद आवागमन नियंत्रित रहता है। नियमों के तहत प्रवेश रोकने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
जांच रिपोर्ट पर टिकीं नजरें
इस संवेदनशील मार्ग से तवानगर, चीचा-28, रानीपुर, बागड़ा सहित कई गांवों के लोगों का आना-जाना होता है। फिलहाल दोनों ही पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें और शिकायतें दर्ज करा दी हैं। मामला अब सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों के पास है। विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उस रात वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किस पक्ष के आरोपों में कितनी सच्चाई है।











