इटारसी। शहर में पिछले एक पखवाड़े (15 दिन) से अधिक समय से लंगूरों ने भारी आतंक मचा रखा है। वार्ड क्रमांक 21 स्थित आसफाबाद, संजय मार्ग (मालवीयगंज) सहित शहर के कई अन्य हिस्सों में इन लंगूरों के झुंड ने डेरा डाल रखा है। हालात यह है कि वन विभाग को इस पूरे मामले की भली-भांति जानकारी होने के बावजूद अब तक इन्हें पकडऩे के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विभागीय अमले की इस निष्क्रियता के कारण शहरवासियों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है।
लंगूरों का यह झुंड पिछले 15 दिनों से शहर के लिए खौफ का पर्याय बना हुआ है। छतों और बालकनियों पर इनके दिनभर के जमावड़े के कारण लोगों का अपनी ही छतों पर जाना मुश्किल हो गया है। नागरिकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि वन विभाग को सूचना होने के बाद भी वह मूकदर्शक बना हुआ है। विभाग की ओर से अब तक कोई भी रेस्क्यू टीम इन्हें पकडऩे के लिए शहर में नहीं भेजी गई है।
बंदरों की आक्रामक प्रवृत्ति के कारण हमेशा यह डर बना रहता है कि वे अचानक किसी पर हमला न कर दें। इस भय के चलते बच्चों का घर के बाहर या छतों पर खेलना बंद हो गया है, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों को भी बाहर निकलने में डर सता रहा है। दहशत के अलावा ये लंगूर छतों पर रखे सामान, पानी की टंकियों के ढक्कन और डिश या केबल वायर्स को भी लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
शहरवासियों ने वन विभाग और नगर पालिका प्रशासन से सख्त मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी या हमले का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाया जाए। इन लंगूरों को पकड़कर शहर से दूर सुरक्षित जंगलों में छोड़ा जाए, ताकि नागरिक इस दहशत से मुक्त होकर अपना सामान्य जीवन जी सकें।










