लेख…रिश्ते

लेख…रिश्ते

रिश्तों के बिना जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है। कुछ अनमोल रिश्ते हमें जन्म के साथ मिलते हैं और कुछ रिश्ते मिल जाते हैं हमें उम्र के किसी भी मोड़ पर। ये ऐसे रिश्ते होते हैं जिनका कोई नाम तो नहीं होता पर समय के साथ ऐसे रिश्ते बहुत ख़ास हो जाते हैं। ये रिश्ता दो स्त्रियों के बीच , दो पुरुषों के बीच या दो स्त्री – पुरुष के बीच भी हो सकता है। इस तरह के सभी रिश्ते बहुत खास होते हैं। प्रिय होते हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि एक स्त्री पुरुष के बीच प्रेमी – प्रेमिका या पति – पत्नी का ही रिश्ता हो सकता है लेकिन सत्य तो यह है कि स्त्री – पुरुष के बीच इनके अलावा भी रिश्ता हो सकता है जो बनता है फ़िक्र और स्नेह के बंधन से। जिसे चाहें तो दोस्ती का नाम दे सकते हैं या फिर यूं ही एक प्यारा रिश्ता जो सदा रहे। ऐसे रिश्ते वहां साथ बनते हैं जहां कार्यक्षेत्र एक हो या जब सोच का, समझ का, पसंद का, नापसंद का स्तर एक हो। जब कोई ऐसा मिले आपको तो ये रिश्ता जरूर बनाइए क्यूं कि ऐसे रिश्ते रब की मेहरबानी से ही बनते हैं वरना इस अनजानी – अजनबी दुनियां में काबिल-ए-विश्वास कौन मिलता है।

जीवन की राह में
उम्र के
इक मोड़ पर
बनते हैं कुछ रिश्ते
जो न करें
नाम की गुज़ारिश
न अपेक्षा की ख्वाहिश
है ये बस
खुदा की नवाजिश।

अदिति टंडन (Aditi Tandan)
आगरा 

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