आठ वर्ष पुराने हत्या के मामले में 3 को आजीवन कारावास

आठ वर्ष पुराने हत्या के मामले में 3 को आजीवन कारावास

– लाठियों और चाकू मारकर की थी आदिवासी की हत्या
– आरोपियों को था, मृतक पर जादू-टोना करने का संदेह
इटारसी। तृतीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश इटारसी श्रीमती सुशीला वर्मा की अदालत ने आज हत्या के 3 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा तथा जुर्माने से दंडित किया है। घटना 13 जनवरी 2914 की है और आरोपी सियाराम, माखन और संजू धुर्वे हैं, जिनको धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
अति जिला लोक अभियोजक भूरेसिंह भदौरिया और राजीव शुक्ला ने मामले में शासन की ओर से पैरवी की है। श्री भदौरिया के अनुसार 13 जनवरी 14 को अनिल कनोजिया ने इटारसी थाने में अकाल मृत्यु की सूचना दी थी जिस पर से शिव प्रसाद पिता मलकू गौंड को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल में लाया गया था। सूचना के आधार पर फरियादी पुनियाबाई की तरफ से लिखवाया गया कि वह ग्राम रैसलपाठा निवासी है, 13 जनवरी को वह और उसका पति शिव प्रसाद दोनों शाम 6 बजे घर से खाना लेकर गेहूं और चना की रखवाली में खेत में गये थे। रात 9 बजे उसका पति खाना खाकर झोपड़ी में आग तापने बैठा था और वह झोपड़ी में खाना खा रही थी तभी गांव के ही सियाराम, श्रवण गोंड लाठी लेकर एवं संजू हाथ में चाकू लेकर आये और सियाराम ने उसके पति को कहा कि मेरा बाप बीमार है, तूने कुछ जादू-टोना किया है। यह कहकर उन्होंने शिवप्रसाद पर लाठी से हमला कर दिया और संजू ने चाकू से दोनों पैरों की पिंडली पर वार किया। वह बीच-बचाव करने आयी तो एक लाठी उसके हाथ में मारी। वह चिल्लाई तो साइड के खेत से मुकंदी और उसकी पत्नी जगवती आये तो तीनों आरोपी भाग गये।
जगवती ने तत्काल शिवप्रसाद के बेटों को घर जाकर खबर की तो उसका बेटा जितेन्द्र और ओमकार तथा भतीजा महिपाल आया। तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर सुखतवा लाये, जहां तक आते-आते उसकी मौत हो चुकी थी। केसला थाने में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया और आज तीनों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा से दंडित किया।

CATEGORIES
TAGS
Share This

AUTHORRohit

I am a web developer who is working as a freelancer. I am living in Saigon, a crowded city of Vietnam. I am promoting for http://sneeit.com

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )
error: Content is protected !!