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लिव इन रह रही महिला की हत्या के दोषी रामचरण उर्फ मझले को आजीवन कारावास

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इटारसी। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश इटारसी की अदालत ने एक हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए अभियुक्त रामचरण उर्फ मझले को भारतीय दण्ड संहिता (भा.द.सं.) की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड जमा न करने पर अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 201 भा.द.सं. (साक्ष्य का विलोपन) के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय के पीठासीन अधिकारी आदित्य रावत ने यह निर्णय आज 27 अक्टूबर 2025 को घोषित किया।

केस हिस्ट्री एवं घटना

यह मामला पुलिस थाना तवानगर के अपराध से संबंधित था। अभियुक्त रामचरण उर्फ मझले, आत्मज स्व. पन्नालाल, निवासी चांदनी चौक तवानगर, पर आरोप था कि उसने 03 जुलाई 2023 की रात्रि में मृतिका सीताबाई के घर में डंडे से साशय प्रहार कर उसकी हत्या की। अभियुक्त पर डंडा, साड़ी और शर्ट को गोठान टेकरी जंगल में छिपाकर साक्ष्य का विलोपन करने का भी आरोप था।

अभियोजन की कहानी और विवेचना

अभियोजन कहानी के अनुसार, मृतिका सीताबाई के पति की मृत्यु के बाद रामचरण उर्फ मझले ने उसे अपने साथ रख लिया था। 04 जुलाई 2023 को आरती पत्नि दिनेश यादव ने आरक्षी केन्द्र आकर सूचना दी कि सीताबाई के घर से आवाज नहीं आ रही है और अंदर जाकर देखने पर सीताबाई निवार के पलंग पर मरी हुई पड़ी थी। उसके गाल और चेहरे पर चोट के निशान और खून लगा था। आरती ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से रामचरण, सीताबाई के साथ मारपीट कर रहा था, इसलिए उसे शंका थी कि रामचरण ने ही हत्या की है।

इस सूचना पर मर्ग कायम किया गया, जिसके बाद आरक्षी केन्द्र तवानगर में रामचरण उर्फ मझले के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया। अभियुक्त को 06 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। विवेचना के दौरान डंडा, साड़ी और रक्त रंजिश शर्ट जब्त कर एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त की गई। संपूर्ण विवेचना के उपरांत 28 अक्टूबर 2023 को आरोप-पत्र मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रस्तुत किया।

विचारण की प्रक्रिया

सत्र प्रकरण आरोपों की विरचना 21 नवंबर 2023 को हुई। साक्ष्य 12 दिसंबर 2023 से प्रारंभ किए। अभियोजन की ओर से कुल 25 गवाहों की गवाही कराई गई थी।

फैसला और दण्डादेश

न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अभियुक्त ने स्वयं के साथ पत्नी के समान रह रही महिला के साथ मारपीट करते हुए उसकी मृत्यु कारित कर हत्या की है। दण्ड नीति पर संवैधानिक पीठों के मार्गदर्शक सिद्धांतों पर विचार करते हुए, न्यायालय ने यह मत व्यक्त किया कि यह मामला विरले से विरलतम मामले की परिस्थिति में नहीं है। अभियुक्त रामचरण उर्फ मझले को धारा 302 भा.द.सं. में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास से दण्डित किया गया। दण्डादेश भी 27.10.2025 को ही दिया। न्यायालय ने उल्लेख किया कि अभियुक्त ने 06 जुलाई 2023 से निर्णय दिनांक तक कुल 844 दिवस न्यायिक निरोध में व्यतीत किए हैं।

पैरवी करने वाले अभियोजक

इस केस में शासन (मध्य प्रदेश राज्य) की ओर से एचएस यादव, विशेष लोक अभियोजक तथा अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला और एडीपीओ एके अतुलकर ने पैरवी की थी।

Rohit Nage

रोहित नागे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाचार संपादक हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में स्नातक किया है तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राज एक्सप्रेस, पीपुल्स समाचार, नवभारत सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में रिपोर्टर, उप-संपादक, ब्यूरो प्रमुख एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य किया है। वे Narmadanchal.com के रिपोर्टर, उप-संपादक, एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहे हैं और नर्मदांचल क्षेत्र की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समाचारों पर विशेष रूप से लेखन एवं संपादन कार्य कर रहे हैं।

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