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तीन साल पुराने हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास

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  • एजीपी भूरेसिंह भदौरिया की पैरवी, ठोस सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर मिली सजा
  • अति जिला लोक अभियोजक श्री भदौरिया ने आरोपी को मृत्युदंड देने की मांग न्यायाधीश से की थी

इटारसी। शादी कराने की बोलकर युवक जगन गीद निवासी हिवारखेड़ा की हत्या करने वाले आरोपी प्रकाश उर्फ मुन्ना को हत्या के प्रकरण में आज द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश इटारसी ललित कुमार झा ने धारा 302 ओर 364 आईपीसी में दोषी पाते हुए 302 में आजीवन कारावास ओर 364 आईपीसी में 10 वर्ष की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।

अति जिला लोक अभियोजक इटारसी भूरेसिंह भदौरिया ने बताया कि घटना थाना केसला के अंतर्गत हुई थी। 9 अप्रैल 2021 को हिवारखेड़ा निवासी जगन गीद को उसकी शादी बैतूल में एक लड़की से कराने हेतु उसे काल करके बुलाया और शादी के लिए सोने के जेवर, 40000 रुपये लेकर आने के लिए बोला तो मृतक ने जेवर और पैसे लेकर बैतूल के लिए निकला। इसके बाद उसका मोबाइल बंद आने लगा, उसकी बहन ने उसको कई बार फोन किया लेकिन मोबाइल बंद था। पूरा किस्सा उसकी बहन बबीता को मालूम था। जगन और आरोपी पूर्व से परिचित थे, जगन की बहन ने आरोपी प्रकाश उर्फ मुन्ना को फोन किया तो आरोपी ने मना कर दिया कि वह मेरे पास नहीं आया। जबकि आरोपी ओर जगन निरंतर मोबाइल पर संपर्क में थे।

आरोपियों ने जगन से सारे जेवर और पैसे 40000 रुपये लेकर उसे मूर्ख बनाते रहे और 9 अप्रैल को जगन को पोढार के पास लाकर सभी ने खाना खाया और शराब कोल्ड डिं्रक पीयी। आरोपियों ने प्लानिंग से जगन को कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई। सारे जेवर और 40000 रुपये आपस में बांट लिए। प्रकरण की विवेचना तात्कालिक केसला थाना प्रभारी कैलाश पांसे और राधेश्याम पवार उप निरीक्षक ने की। लाश 5 दिन बाद केसला हाइवे से अंदर खेत में मिली, जिसका पी एम के बाद पुलिस ने कफऩ दफन कर दिया। फिर उक्त लाश पर तवानगर और मासोद चौकी के गुमशुदगी में दोनों परिवार ने लाश पर दावा किया तब दोनों परिवार का डीएनए किया जिससे प्रमाणित हुआ कि लाश जगनगीद की है।

आरोपियों के ओर मृतक के मोबाइल नंबरों की सीडीआर, कैफ, लोकेशन निकली गई जिससे यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी और मृतक घटना के पूर्व और बाद निरंतर संपर्क में थे। विवेचना के दौरान संदिग्ध आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सम्पूर्ण घटना स्वीकार किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आज दिनांक तक आरोपियों की जमानत तक नहीं हुई। उच्च न्यायालय ने भी आज तक आरोपियों की जमानत नहीं दी। श्री भदौरिया ने बताया कि प्रकरण बहुत जटिल था। मारते किसी ने देखा नहीं, प्रकरण लास्ट सीन पर आधारित था। आज आरोपी प्रकाश उर्फ मुन्ना को जिला जेल नर्मदापुरम से वीसी के माध्यम से उपस्थित होने पर न्यायालय ने सजा सुनाई और 1500 रुपये जुर्माना किया। संपूर्ण प्रकरण में पैरवी शासन की ओर से अति जिला लोकअभियोजक इटारसी भूरेसिंह भदोरिया द्वारा की गई।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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