सात वर्ष पुराने राजू हत्याकांड के आरोपियों को आजीवान कारावास

सात वर्ष पुराने राजू हत्याकांड के आरोपियों को आजीवान कारावास

– चार में से दो आरोपियों को सजा और जुर्माना
– ट्रायल के दौरान एक की मृत्यु हो गयी थी
– घटना के वक्त एक आरोपी नाबालिग था
इटारसी। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुशीला वर्मा (Third Additional Sessions Judge Sushila Verma) की अदालत ने करीब सात वर्ष पुराने एक हत्याकांड के मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) और दो-दो हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक भूरे सिंह भदौरिया (Assistant Additional Public Prosecutor Bhure Singh Bhadauria) ने बताया कि समाज में बढ़ते अपराधों और मौजूद साक्ष्यों को देखते हुए न्यायालय ने मामले में कड़ा रुख अपनाया और अपना निर्णय सुनाया है। एपीजी भूरेसिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में 40 दस्तावेज पेश किये गये थे और 19 गवाह थे।
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक भूरेसिंह भदौरिया ने बताया कि मामला करीब सात वर्ष पुराना है जब 31 दिसंबर 2015 को शाम करीब 7 बजे राजेश, सुनील उर्फ कट्टन, विमल गोंड और संजू तिवारी ने पुरानी इटारसी कलारी (Old Itarsi Kalari) के पास महज दो सौ रुपए मांगने और पैसे नहीं मिलने पर राजू पाल नामक युवक को धारदार हथियार से घायल कर दिया था। बाद में उपचार के दौरान भोपाल (Bhopal) में राजू की मृत्यु हो गयी थी।

यह था मामला

31 दिसंबर 2015 को शाम करीब 7 बजे पुरानी इटारसी स्थित कलारी के पास रोड पर राजू पाल को चाकू से मारा था। राजू पाल ने पुलिस को बयान दिया था कि वह पुरानी इटारसी में कलारी के पास टप्पर बनाकर परिवार के साथ रहकर पीपा, छन्नी सुपा बनाने का काम करता है। 31 दिसंबर 2015 को करीब 7 बजे तीन-चार लड़के कलारी की दुकान के पास रोड पर मिले जिन्होंने 200 बतौर टैक्स मांगा। उसने रूपये देने से मना कर दिया तो एक लड़के ने उसे जान से खतम करने की नीयत से पेट पर चाकू मारा, वह घूम गया तो चाकू उसके बाये कूल्हे पर लगकर खून निकलने लगा। दो लड़कों ने उसको पकड़ रखा था और एक लड़के ने ईंट उठाकर उसके पेट पर मारा, जिससे अंदरूनी चोट आकर खून के दस्त हो रहे थे। झगड़े की आवाज सुनकर उसका लड़का शंकर एवं भतीजा लक्ष्मण बीच-बचाव करने आये तो शंकर को भी चाकू पेट पर मारा और लक्ष्मण के सिर पर ईंट से मारी, दोनों को चोट आयी थी। घटना उसकी पत्नी भीमा बाई, लड़का कोमल, सोनू, सुरेश एवं कलारी वाले तथा मोहल्ले के लोगों ने देखी है। फिर उसकी पत्नी ने उसे अस्पताल लाकर भर्ती किया। पुलिस थाना इटारसी में धारा 327, 307, 34 भादवि का अपराध चार अज्ञात के विरूद्ध दर्ज किया था। विचारण के दौरान विमल की मृत्यु हो गयी थी। अभियुक्त राजेश एवं सुनील उर्फ कट्टन को दी गई सभी कारावास की सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।

इन धाराओं में यह सजा

अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक भूरेसिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी राजेश को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास, एक हजार रुपए अर्थदंड और अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त। इसी तरह से धारा 307 (दो काउंट) भादंवि में सात-सात वर्ष की सजा, पांच-पांच सौ रुपए जुर्माना और जुर्माना न देने पर एक-एक माह की सजा अतिरिक्त। सुनील उर्फ कट्टन को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड, तथा अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह, धारा 307 (दो काउंट) भादवि में सात-सात वर्ष का कारावास और पांच-पांच सौ रुपए अर्थदंड, अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा है।

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AUTHORRohit

I am a Journalist who is working in Narmadanchal.com.

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