साहित्य विमर्श : एक टुकड़ा आसमान उपन्यास की समीक्षा

साहित्य विमर्श : एक टुकड़ा आसमान उपन्यास की समीक्षा

इटारसी। अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला नर्मदापुरम (All India Sahitya Parishad District Narmadapuram) द्वारा आयोजित साहित्य विमर्श समारोह में द्वितीय दिन साहित्यकार विनोद कुशवाहा के उपन्यास ‘एक टुकड़ा आसमान’ ( ‘One Piece Sky’ ) की समीक्षा करने पर केंद्रित रहा।
मुख्य अतिथि कन्या महाविद्यालय (Girls College) के प्राचार्य डॉ आरएस मेहरा एवं विशेष अतिथि शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (Government Girls Higher Secondary School) के प्राचार्य एवं कहानीकार अखिलेश शुक्ला रहे। अध्यक्षता कहानीकार छिंदवाड़ा (Chhindwara) निवासी राष्ट्रपति पुरस्कार (President’s Award) से सम्मानित शिक्षक दिनेश भट्ट ने की। मां सरस्वती (Maa Saraswati) के पूजन अर्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। स्वागत भाषण परिषद के बृज मोहन सोलंकी ने दिया। एक टुकड़ा आसमान के उपन्यासकार विनोद कुमार कुशवाहा का जीवन परिचय परिषद के सदस्य राजेश दुबे ने दिया। श्री कुशवाहा ने उपन्यास के एक अंश का वाचन किया।
मंच के पदाधिकारियों राजकुमार दुबे, भगवान दास बेधड़क, आरती शर्मा, बीके पटेल व अतिथियों ने कुशवाहा को पुष्पहार पहनाकर एवं शाल श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। एक टुकड़ा आसमान की समीक्षा पर लेखक मिलिंद रोंघे, समीक्षाकार सर्जना चतुर्वेदी, लेखक सुधांशु मिश्र, व्यंग्यकार ब्रजकिशोर पटेल, वरिष्ठ पत्रकार पंकज पटैरिया की समीक्षा का वाचन रामकिशोर नाविक, कहानीकार एवं विशेष अतिथि अखिलेश शुक्ला, मुख्य अतिथि डॉ आरएस मेहरा, कवियत्री आरती शर्मा, डॉ श्रीराम निवारिया ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की।
उपन्यास लेखक का संस्मरण है, उपन्यास कि भाषा सहज एवं सरल है, उपन्यास व्यक्तिगत जीवन के अनुभवों को रेखांकित करता है, नायक का चरित्र संतुलित नहीं है, नायक की मौत जीवन से पलायन है, उपन्यास एक टुकड़ा आसमान नहीं बल्कि पूरा आसमान है ,उपन्यास नायिका प्रधान है, नायिका से प्रेम का नहीं मौत का स्वयंबर है ,उपन्यास घटनाओं का विवरण है उपन्यास साहित्य प्रेमियों में नए जीवन का संचार करता है। उपन्यास में और अधिक परिश्रम की अपेक्षा की है।
कार्यक्रम में शहर के निवासी एवं सिंगापुर में सेवारत, उपन्यास के पाठक मोहम्मद अफाक ने उपस्थित होकर उपन्यास की सराहना की एवं कुशवाहा से इस तरह के उपन्यास लगातार लिखते रहने की बात कही। अध्यक्षता कर रहे दिनेश भट्ट ने कहा की प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कई रंग होते हैं, लेखक अपनी अभिव्यक्ति में कलात्मक कौशल का समावेश करता है। संचालन संयुक्त रूप से अध्यक्ष राजकुमार दुबे एवं सचिव आरती शर्मा ने किया। आभार प्रदर्शन भगवानदास बेधड़क ने किया।

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AUTHORRohit

I am a Journalist who is working in Narmadanchal.com.

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