इटारसी। अनंत चतुर्दशी के शुभ अवसर पर, इटारसी और आसपास के क्षेत्रों में भगवान गणेश की विदाई का पर्व पूरे धार्मिक उल्लास और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। प्रशासन के मेहरागांव नदी के पास बनाए गए कृत्रिम कुंड में गणेश विसर्जन की शुरुआत हुई, जहां सैंकड़ों की संख्या में भक्तगण अपने आराध्य को विदाई देने पहुंचे।
यह पूरा आयोजन भक्तिमय माहौल में अनुशासन के साथ हो रहा है। गणेश उत्सव समितियों के सदस्य और आम नागरिक, डीजे, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ गणपति बप्पा को विदाई देने मेहरागांव पहुंचे। हर तरफ ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आÓ के जयकारे गूंज रहे थे, जो भक्तों की श्रद्धा और भगवान से पुनर्मिलन की उम्मीद को दर्शा रहे थे।

विसर्जन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस, नगर पालिका और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर मौजूद थीं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विसर्जन की प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित रूप से हो। नगर पालिका ने बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था की थी, जिससे बड़े आकार की मूर्तियों को भी आसानी से कुंड में विसर्जित किया जा सका।
सुरक्षा की दृष्टि से, नगर पालिका के कर्मचारी लाइफ जैकेट पहनकर कुंड में तैनात थे। आमजन को कुंड के गहरे पानी में जाने की अनुमति नहीं थी। इन कर्मचारियों ने भक्तों से मूर्तियां लेकर उन्हें गहरे पानी में विसर्जित किया, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

यह कदम पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ भक्तों की सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण था। इस अवसर पर, नगर में पूरी तरह से धार्मिक माहौल छा गया, और हर व्यक्ति गणपति की भक्ति में लीन दिखाई दे रहा है, देर रात तक गणेश विसर्जन चलेगा।




























