इटारसी। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर, महादलित परिसंघ एवं वार्ड विकास समिति ने वार्ड 23 में लगातार 18 वें आयोजन किया जिसमें नरसिंहपुर-होशंगाबाद के सांसद दर्शनसिंह चौधरी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि जी के तेल चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि के साथ हुई।
मुख्य वक्ता सांसद दर्शनसिंह चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित ‘रामायण’ विश्व का पहला प्रमाणित महाकाव्य है, जिसकी शुरुआत संस्कृत श्लोक से हुई। उन्होंने रामायण को समरसता एवं सनातन के भावों का प्रतीक बताया और कहा कि उन्होंने पूरे भारत में रामायण के प्रमाणों को देखा है।
जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष प्रमोद पगारे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वाल्मीकि जी कोई डाकू नहीं थे, बल्कि वे सनातन हिंदू धर्म के आदिकवि थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे महर्षि वाल्मीकि को किसी अनुसूचित जाति का नहीं मानते, बल्कि उन्हें समझने के लिए उनके संस्कृत महाकाव्य का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने वाल्मीकि जी को विश्व का पहला आदिकवि बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज को बांटने का काम नहीं किया।
कार्यक्रम में संदीप सोनकर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जिस प्रकार महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना कर प्रभु श्री राम के जीवन मूल्यों का बोध कराया, उसी प्रकार भारत रत्न डॉ. अंबेडकर ने देश को संविधान देकर आमजन को उनके अधिकारों और कर्तव्यों से परिचित कराया। संस्कृत भारती के जिला संयोजक संतोष व्यास ने राष्ट्र निर्माण में नौजवान पीढ़ी को आगे आने और सनातन धर्म के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया।
विशिष्ट हस्तियों का सम्मान
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वाल्मीकि समाज की डॉ. श्रीमती मनीषा कण्डारे और समाज के वरिष्ठ हरेराम चावरिया का अतिथियों द्वारा शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। अतिथियों का भी शॉल-श्रीफल से सम्मान किया गया। श्रीमती राधा मैना ने महर्षि वाल्मीकि पर स्वरचित रचना भी सुनाई।
कार्यक्रम में वार्ड विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार द्विवेदी, पार्षद सभापति राकेश जाधव, पार्षद सभापति मंजीत कलौसिया, आरके पाण्डेय, संजय मैना, डॉ. नीरज जैन, अभिषेक डिगाने, राजेश अदवाल, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सीपी ठाकुर सहित वार्ड विकास समिति के सदस्य एवं वार्डवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। संचालन मुकेश चंद्र मैना ने किया और राजेश चिंतामन ने आभार व्यक्त किया।








