ऐरावत पर सवार होकर आएगी महालक्ष्मी, माताएं करेंगी पूजा

ऐरावत पर सवार होकर आएगी महालक्ष्मी, माताएं करेंगी पूजा

महालक्ष्मी व्रत में पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

इटारसी।  पितृपक्ष के बीच में महालक्ष्मी Mahalaxmi Vrat व्रत किया जाता है। यह व्रत राधा अष्टमी से शुरू होता है और पितृपक्ष की अष्टमी तक चलता है। पितृपक्ष की अष्टमी पर इस व्रत का समापन होता है। इस व्रत को गजलक्ष्मी व्रत भी कहा जाता है। गजलक्ष्मी व्रत के दिन हाथी की पूजा और महालक्ष्मी के गजलक्ष्मी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस साल यह व्रत 10 सितंबर को होगा। इस व्रत में मिट्टी के गज बनाए जाते हैं। मिट्टी के अलावा बाजार से हाथी की मूर्ति लाकर भी पूजा कर सकते हैं।

महालक्ष्मी व्रत में किन बातों का रखें ध्यान
मान्यता है कि महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी के रूप श्रीगज लक्ष्मी, श्रीवीर लक्ष्मी, श्री विजय लक्ष्मी, श्री आदि लक्ष्मी मां, श्री धान्य लक्ष्मी, श्री संतान लक्ष्मी मां की पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत के दिन पूजा स्थल पर हल्दी से कमल बनाकर उस पर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापना करें और मूर्ति के सामने श्रीयंत्र और सोने-चांदी के सिक्के रखें।

16 ज्योति का है महत्व

इस दिन दिनभर व्रत रखकर सायंकाल पूजन का विधान है। इसे जीवित्त पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। विधान के अनुसार इस दिन महालक्ष्मी पूजन में 16 चीजों का बड़ा महत्व है। पूजन में 16 दीपक, रक्षासूत्र में 16 गठान, 16 प्रकार के फूल एवं दूर्बा से पूजन किया जाता है। ऊंचो सो पुर पाटन गांव…पूजा के साथ जुड़ी पुरानी कहावत को 16 बार पढकर महालक्ष्मी से सुख समृद्धि की कामना की जाती है। पवित्र तीर्थ में स्नान करने के बाद लक्ष्मीजी की पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें महालक्ष्मी व्रत, गजलक्ष्मी चमकाएंगी किस्मत
महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी के 8 रूपों की पूजा करने के साथ ही महालक्ष्मी मंत्र का जाप करना भी लाभकारी माना जाता है। कहते हैं मंत्र का जाप करने से मां लक्ष्मी का साथ हमेशा बना रहता है।

माना जाता है कि मां लक्ष्मी की पूजा श्रीयंत्र के बिना अधूरी होती है। कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत में श्रीयंत्र की पूजा करने से आर्थिक स्थिति सुधर जाती है।

माना जाता है कि मां लक्ष्मी पूजन में पानी से भरे कलश को पान के पत्तों से सजाने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही कलश के ऊपर नारियल रखना भी शुभ माना जाता है।

कलश के पास हल्दी से कमल बनाकर मां लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करें। कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी को सोने के गहनों से सजाने से भी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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