कर्नाटक से आये हाथियों के व्यवहार से परिचित कराने महावतों को मिलेगा प्रशिक्षण

कर्नाटक से आये हाथियों के व्यवहार से परिचित कराने महावतों को मिलेगा प्रशिक्षण

इटारसी। कर्नाटक से सतपुड़ा टायगर रिजर्व में आये चार नये मेहमान कृष्णा, राजा, पूजा एवं मरीशा के व्यवहार से पहले महावतों को परिचित कराया जाएगा इसके बाद ही इन्हें वन्य प्राणी संरक्षण के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

गौरतलब है कि आज ही कर्नाटक से मध्यप्रदेश के वन अधिकारियों एक बड़ी टीम चार हाथियों को सतपुड़ा टायगर रिजर्व (Satpura Tiger Reserve) लेकर पहुंची है। इन सभी हाथियों के साथ कर्नाटक से महावत आए हैं जो कुछ दिन सतपुड़ा में ही रहकर इनके व्यवहार से सतपुड़ा के महावत को परिचित कराएंगे।

इन हाथियों को सतपुड़ा के महावत द्वारा संपूर्ण प्रशिक्षित किया जाएगा तथा बाद में इन्हें वन्यप्राणी संरक्षण हेतु उपयोग किया जाएगा। सभी हाथी सकुशल लाए गए तथा इन्हें अभी विश्राम दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में शेष 10 हाथियों को इस माह में दो चरणों में लाया जाना प्रस्तावित है।

एक वर्ष पूर्व बनायी थी योजना

मध्यप्रदेश के विभिन्न टाइगर रिजर्व में वन्यप्राणी प्रबंधन हेतु हाथियों की आवश्यकता को देखते हुए वन विभाग (Forest Department) द्वारा हाथी लाने की योजना लगभग एक वर्ष पूर्व बनाई गई। इसके उपरांत क्षेत्रसंचालक सतपुड़ा टाइगर के नेतृत्व में गठित समिति ने कर्नाटक के विभिन्न हाथी केम्पों का निरीक्षण कर 14 हाथियों का चयन किया। इन हाथियों को मध्यप्रदेश लाने हेतु भारत सरकार, कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश शासन से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त की गई है।

हाथियों को लाने एक दल 23 नवंबर 2022 को रवाना किया। इस दल द्वारा मार्गों पर हाथियों को रुकने एवं अन्य व्यवस्थाओं हेतु स्थलों का चयन एवं स्थानीय वन अधिकारियों के साथ तैयारियों को निश्चित किया।

दल में रहे करीब दो दर्जन सदस्य

इस परिवहन दल में लगभग 22 सदस्य रहे जिनमें क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक, सतपुड़ा एवं पन्ना टाइगर रिजर्व का अमला रहा। इन 4 हाथियों को 29 नवंबर 2022 को रामापुरा केम्प बंधीपुर टाइगर रिजर्व से परिवहन प्रारंभ किया तथा लगभग 16 सौ किमी की दूरी तय की गई।

इस पूरे परिवहन दल में क्षेत्र संचालक, सहायक संचालक सतपुड़ा एवं पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक तथा अन्य सहयोगी अमला उपस्थित रहा। यह दल कर्नाटक के बाद आन्ध्रप्रदेश, तेलंगाना तथा महाराष्ट्र होते हुए मध्यप्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पहुंचा। जहां पर वन विभाग एवं पुलिस बल द्वारा इस दल को विशेष सहयोग एवं सुरक्षा प्रदान की गई। इन हाथियों में दो नर एवं दो मादा हाथी हैं, जिनके नाम कृष्णा, राजा, पूजा एवं मरीशा  हैं।

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