नर्मदापुरम। नर्मदापुरम संभाग में शासकीय सेवा में लापरवाही और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। संभागायुक्त श्रीकांत बनोट ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी केसला, श्रीमती आशा मौर्य को कदाचरण और घोर अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर की रिपोर्ट पर हुई त्वरित कार्रवाई
यह कड़ी कार्रवाई कलेक्टर नर्मदापुरम श्री सोमेश मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किए गए जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। संभागायुक्त द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, श्रीमती मौर्य को ‘मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966’ के कड़े प्रावधानों के तहत सस्पेंड किया गया है।
मुख्यालय बदला, नियम 53 के तहत मिलेगा भत्ता
आदेश के मुताबिक, निलंबन की इस अवधि के दौरान श्रीमती आशा मौर्य का मुख्यालय संभागीय उपायुक्त, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्य विभाग, नर्मदापुरम नियत किया गया है। निलंबन काल में उन्हें मूलभूत नियम-53 के अंतर्गत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। इस त्वरित निलंबन से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। इसे क्षेत्र में शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।











