माखननगर (नर्मदापुरम)। व्हाट्सएप पर सोने के गहने भेजने और कस्टम ड्यूटी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का माखननगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजस्थान के जयपुर और जैसलमेर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से ठगी गई 1,29,000 रुपये की पूरी रकम बरामद कर ली है।
कैसे दिया था ठगी को अंजाम
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी को फरियादी जशवती यादव ने थाना माखननगर में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के जरिए उनसे संपर्क किया और कीमती सोने के गहने भेजने का झांसा दिया। इसके बाद पार्सल छुड़ाने और कस्टम प्रक्रिया के नाम पर उनसे कुल 1,29,000 रुपये की राशि ऑनलाइन जमा करवा ली गई। पुलिस ने तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
साइबर ठगी की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी और अन्य संकलित साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान में सुराग तलाशे। इसके बाद पुलिस टीम ने सीधे राजस्थान के जयपुर एवं जैसलमेर में दबिश देकर दो आरोपियों अनूप मीणा उम्र 24 वर्ष, निवासी चाकसू, जयपुर राजस्थान और हीरसिंह राजपुरोहित उम्र 26 वर्ष, निवासी जैसलमेर राजस्थान को धर दबोचा।
पूरी रकम बरामद
पुलिस अभिरक्षा में हुई पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने फरियादिया से कस्टम फ्रॉड के नाम पर पैसे ऐंठने का जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी गई पूरी राशि 1,29,000 रुपये जब्त कर ली है। प्रकरण में पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक साईकृष्णा एस थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन तथा एसडीओपी सोहागपुर अरविन्द शाह का विशेष मार्गदर्शन रहा। आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी निरीक्षक कंचन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक आकाशदीप पचाया, प्रधान आरक्षक दिलीप चौरे, आरक्षक मनीष कपाले, शुभम राय तथा साइबर सेल से आरक्षक प्रशांत राजपूत, संदीप यदुवंशी और सागर कुशवाहा की सराहनीय भूमिका रही।










