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त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार : 1400 किलो से ज्यादा नकली घी जब्त

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नर्मदापुरम। त्योहारों के उल्लास के बीच आपकी सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। लेकिन प्रशासन की सतर्कता ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के सख्त निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ा और सघन अभियान छेड़ा है, जिससे मिलावट का काला धंधा करने वालों में हड़कंप मच गया है।

क्या हुई कार्रवाई?

बीते एक महीने में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों बीएस धाकड़, जितेंद्र सिंह राणा और कमलेश एस. दियावार की टीम ने दुकानों, एजेंसियों और बसों की अचानक चेकिंग की।

  • विशाल जब्ती : टीम ने 1,426 किलो संदिग्ध घी (कीमत 7.30 लाख रुपए) और 42 किलो पनीर जब्त किया है।
  • बसों से हो रही थी तस्करी : कटियार बस से 650 किलो संदिग्ध खोया (कीमत 2 लाख) पकड़ा गया, जिसे बाजार में खपाने की तैयारी थी।
  • 126 नमूने भेजे गए लैब : घी, मिठाई, सोनपापड़ी, रसगुल्ला, तेल और नमकीन आदि के 126 नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।

जनता के लिए अलर्ट

यह खबर केवल एक विभागीय कार्रवाई नहीं है, बल्कि आपके परिवार की सेहत से जुड़ी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि लैब टेस्टिंग में निम्नलिखित तीन ब्रांड्स के घी असुरक्षित और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक पाए गए हैं।

नंद कृष्णा घी
संगाथ घी
ब्रजवासी घी

यदि आपके घर में इन ब्रांड्स का घी इस्तेमाल हो रहा है, तो कृपया तुरंत इसका सेवन बंद कर दें। प्रशासन ने संबंधित विक्रेताओं और निर्माताओं को नोटिस जारी कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

जागरूक उपभोक्ता बनें (कैसे करें बचाव?)

त्योहारों के समय दूध, खोया और घी की मांग तेजी से बढ़ती है, जिसका फायदा मुनाफाखोर उठाते हैं। आप इन आसान बातों का ध्यान रखकर अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

  • विश्वसनीय जगह से खरीदारी करें : हमेशा परिचित और प्रतिष्ठित दुकानों से ही खाद्य सामग्री लें।
  • पैकेजिंग और लेबल जांचें : प्रोडक्ट पर एफएसएसएआई का लोगो, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें।
  • पक्का बिल मांगें : खरीदारी का पक्का बिल जरूर लें, ताकि खराब सामान निकलने पर आप कार्रवाई कर सकें।
  • खुद भी परखें : असली घी हाथ पर रगडऩे से पिघलने लगता है और उसकी महक प्राकृतिक होती है। खोया खरीदते समय उसे थोड़ा चखकर या मसलकर जरूर देखें।

आगे क्या?

प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुनाफे के लिए जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूध, घी और खोये की यह जांच आगे भी निरंतर जारी रहेगी। आप भी एक जागरूक नागरिक बनें। यदि आपको अपने आस-पास किसी भी खाद्य सामग्री में मिलावट का संदेह हो, तो तुरंत अपने जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें।

Manju Thakur

मंजू ठाकुर वरिष्ठ पत्रकार एवं Narmadanchal.com के संस्थापक-संपादक हैं। वे वर्ष 2004 से नर्मदांचल क्षेत्र और मध्य प्रदेश की स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़ी खबरों का संपादन और प्रकाशन कर रही हैं। उन्होंने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से संस्कृत में स्नातकोत्तर, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक तथा डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। पत्रकारिता के साथ-साथ वे डिजिटल मीडिया, समाचार संपादन एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अनुभव रखती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुँचाना है।

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