इटारसी। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय द्वारा बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल का व्यापक असर नर्मदापुरम संभाग, विशेषकर इटारसी और जिला मुख्यालय नर्मदापुरम पर पड़ा है। इस ट्रांसफर लिस्ट में जहाँ इटारसी और नर्मदापुरम को नए मुखिया मिले हैं, वहीं इटारसी नगर पालिका से कुछ पुराने चेहरे विदा भी हुए हैं।

इटारसी और नर्मदापुरम: कौन आया, कौन गया?
1. मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) स्तर पर बदलाव:
- इटारसी में आगमन: सुश्री सुरेखा जाटव (तत्कालीन सीएमओ, रायसेन) को नगर पालिका परिषद इटारसी की कमान सौंपी गई है।
- इटारसी से रवानगी: यहाँ पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती रितु मेहरा का तबादला नगर पालिका परिषद गाडरवारा कर दिया गया है।
- नर्मदापुरम से रवानगी: नर्मदापुरम सीएमओ श्रीमती हेमेश्वरी पटले का स्थानांतरण यहाँ से सीएमओ पांढुर्ना के पद पर किया गया है।
2. इटारसी नगर पालिका से अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों की विदाई:
- गजेन्द्र पांडेय (राजस्व निरीक्षक) को नगर पालिका परिषद सिवनी भेजा गया है।
- नंदराम साहू (सहायक राजस्व निरीक्षक) का तबादला नगर पालिका परिषद औबेदुल्लागंज किया गया है।
3. इटारसी नगर पालिका में नए चेहरों की एंट्री:
- लाल सिंह इंदोलिया (सहायक राजस्व निरीक्षक) – नगर परिषद जावरा से नगर पालिका परिषद इटारसी।
- आशीष देशभरतार – नगर पालिका परिषद अनूपपुर से नगर पालिका परिषद इटारसी।
4. सफाई विभाग में नई नियुक्तियाँ:
- श्रीमती रीना डागौर (सफाई संरक्षक) – नगर परिषद बरेली (जिला रायसेन) से नगर पालिका परिषद इटारसी।
- शैलू डागर (सफाई संरक्षक) – नगर पालिक निगम भोपाल से नगर पालिका परिषद इटारसी।
नर्मदापुरम संभाग के अन्य महत्वपूर्ण तबादले
- निशांत श्रीवास्तव: सीएमओ नगर पालिका परिषद बनखेड़ी से नगर पालिका परिषद श्योपुर भेजे गए।
- राजेश कुमार : (राजस्व उपनिरीक्षक, प्रभारी सीएमओ अकोदिया) को प्रभारी सीएमओ बनाकर नगर परिषद बनखेड़ी भेजा गया है।
- मोहन चौकसे: (स्वच्छता निरीक्षक, बनखेड़ी) का तबादला नगर पालिक निगम कटनी किया गया है।
- संतोष रघुवंशी: (राजस्व उपनिरीक्षक, प्रभारी सीएमओ बुधनी) को सीएमओ बनाकर पिपरिया भेजा गया है।
- सुरेश बेलिया: (संयुक्त संचालक, संभागीय कार्यालय भोपाल) को संयुक्त संचालक, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के पद पर पदस्थ किया गया है।
बड़ा सवाल: क्या नए नेतृत्व से सुधरेगी इटारसी की ‘स्वच्छता की गाड़ी’?
इस प्रशासनिक सर्जरी के बीच इटारसी की एक बड़ी और पुरानी समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। नगर पालिका परिषद इटारसी को पिछले करीब दो वर्ष से स्वच्छता निरीक्षक और लगभग तीन साल से स्वच्छता अधिकारी का इंतजार है।
एक सब-इंजीनियर के भरोसे सफाई व्यवस्था:
वर्तमान में इटारसी जैसे बड़े और महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन वाले शहर की स्वच्छता की पूरी गाड़ी एक सब-इंजीनियर के सहारे खींची जा रही है। इतने लंबे समय से स्वच्छता विभाग के ये दोनों मुख्य पद रिक्त होने के कारण, शहर ‘स्वच्छता सर्वेक्षण’ में वह मुकाम और अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पा रहा है जिसका वह हकदार है।
मूल काम छोड़कर संभाल रहे कमान:
स्थानीय स्तर पर यह चिंता का विषय है कि जिन हाथों में फिलहाल शहर की स्वच्छता की कमान है, वे इस कार्य के लिए कम अनुभवी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि स्वच्छता देखना उनका मूल काम ही नहीं है, बल्कि उनसे यह अतिरिक्त कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में नई सीएमओ सुश्री सुरेखा जाटव के सामने पदभार ग्रहण करते ही इस रिक्तता के बीच शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने और आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग दिलाने की एक बड़ी चुनौती होगी।











