इटारसी। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के मार्गदर्शन और जिला कार्यक्रम अधिकारी ललित डहरिया के निर्देशों के तहत इटारसी की आंगनबाडिय़ों में ‘मंगल दिवस’ को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया गया। यह कार्यक्रम केवल पोषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सेहत, सुरक्षा और किशोरियों के अधिकारों पर खुलकर बात हुई।
सुपोषण दिवस पर संतुलित आहार, कुपोषण का खात्मा, स्वस्थ जीवनशैली के अंतर्गत माताएं और 0 से 6 वर्ष के बच्चे लक्षित रहे। टीकाकरण दिवस में पोलियो, खसरा, डिप्थीरिया, टिटनेस से सुरक्षा, गर्भवती महिलाएं और बच्चे लक्ष्य रहे। उमंग कार्यक्रम में मासिक धर्म प्रबंधन, एनीमिया रोकथाम, मेंटल हेल्थ में किशोरियां लक्षित रहीं।
किशोरावस्था के बदलावों पर खुली चर्चा
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत संचालित उमंग कार्यक्रम में त्रिलोक मनवारे ने किशोरियों की काउंसिलिंग की। उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलावों पर बात करते हुए लड़कियों को पर्सनल हाइजीन और आत्मविश्वास बढ़ाने के टिप्स दिए।
वार्ड स्तर पर खास प्रस्तुतियां और सम्मान
- वार्ड 22 (केंद्र 46) में : बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ थीम पर शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए श्रावणी ठाकुर, श्राविका, शील ठाकुर और मोना ठाकुर को पुरस्कृत किया गया।
- सराहनीय पहल : मातृ सहयोगिनी अध्यक्ष श्रीमती निशा भगोरिया ने केंद्र को दीवार घड़ी गिफ्ट की, वहीं एनजीओ प्रतिनिधि सुश्री काजल सोलंकी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए फाइनेंशियल गाइडेंस दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पर्यवेक्षक श्रीमती अर्चना बस्तवार, श्रीमती रेखा चौरे, श्रीमती राखी मौर्य सहित स्थानीय कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और माताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
जागरूकता का हब हैं आंगनबाडिय़ां
एक सेहतमंद और सुपोषित बच्चा ही देश का भविष्य तय करता है। आज आंगनवाड़ी केंद्र सिर्फ खाना बांटने की जगह नहीं हैं, बल्कि यह समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता की चेतना जगाने के सबसे बड़े केंद्र बन चुके हैं।
— श्रीमती दीप्ति शुक्ला, प्रभारी परियोजना अधिकारी












