मुस्कान संस्था का मिलन समारोह, भावुक हुए विधायक

मुस्कान संस्था का मिलन समारोह, भावुक हुए विधायक

बोले सेवा के ये पेड़ हरियाली दे रहा है, एक साल में दो बेटियां गई गोद
इटारसी।
मुस्कान संस्था के मिलन समारोह में मुख्य रूप से मुस्कान संस्था के संस्थापक एवं विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, महिला बाल विकास अधिकारी ललित डेहरिया, विधायक प्रतिनिधि जगदीश मालवीय, एसडीओपी महेन्द्र सिंह चौहान उपस्थित थे।

इस अवसर पर विधायक डॉ. शर्मा ने कहा कि मुस्कान संस्था लगातार सेवा के कार्य को आगे बढ़ा रही है। जहां आदिवासी बच्चों की शिक्षा दीक्षा का कार्य किया जाता है, वहीं संरक्षण योग बच्चियों के पुनर्वास के लिए भी संस्था लगातार कार्य कर रही है। पीडि़त मानवता की सेवा के लिए लगातार मुस्कान संस्था का कार्य सराहनीय रहा है। संस्था पीडि़त महिलाओं विधिक सहायता के साथ उनके पुनर्वास एवं रोजगार के लिए प्रयासरत है। अतिथियों ने अपने संस्था के सेवा कार्यों की सराहना की।
संस्था संस्था के संचालक मनीष ठाकुर ने बताया कि हमारा प्रयास है कि हर चेहरे पर मुस्कान लाएं और इसी प्रयास को हम लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।

महिला आश्रय गृह ने दंपत्ति को मिलवाया

हनुमान जयंती पर पारिवारिक विवादों से तंग होकर एक महिला अपनी दोनों बेटियों के साथ मटकुली के इटारसी आई थी। ओवर ब्रिज के नीचे भूखी प्यासी बेसुध दो बच्चों के साथ बैठी एक महिला पर संस्था के मनीष ठाकुर की नजर पड़ी। इन्होंने उसे भोजन कराकर स्वाधार महिला आश्रय गृह भेजा। एक वर्षीय बच्ची सिद्धि का इलाज कराया तो यह कुपोषित पाई गई। जबकि दूसरी 4 वर्षीय बच्ची माही को भी तेज बुखार था। उसका भी इलाज कराकर उसे स्वस्थ किया।

महिला भी मानसिक रूप से बीमार थी, वह अपना कोई पता भी नहीं बता पा रही थी। इसका इलाज करीब 6 माह तक कराया। सोशल मीडिया एवं फेसबुक के माध्यम से इस महिला की फोटो भेज कर परिजनों की तलाश जारी रही। महिला की मानसिक स्थिति में सुधार होने पर पता चला कि इसकी मानसिक बीमारी की दवा चल रही है। मटकुली में पति से विवाद हुआ था और यह अपने बच्चों को लेकर इटारसी आ गई थी। उसके बाद क्या हुआ इसे याद नहीं रहा। स्वाधार आश्रय गृह ने मटकुली जाकर वहां महिला की फोटो के सहारे पति को खोजने में सफलता पाई। बीते कुछ दिनों पूर्व इसका पति श्री राम बंसल आकर अपनी पत्नी और बच्चों को मटकुली दुर्गा मंदिर पिपरिया ले गया है।

मनीष ठाकुर ने बताया कि हनुमान मंदिर के सेवादार लखन बैस ने मुझे महिला और बच्चों की जानकारी दी थी। शायद सेवा करने का दायित्व ईश्वर ने मुझे सौंपा है, इसलिए निस्वार्थ मैंने अपना कार्य किया।

वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग से संस्था रखेगी नजर

मुस्कान बालिका गृह की संचालिका ऋतु राजपूत ने बताया कि मुस्कान संस्था की बेटियां जो खो जाती हैं एवं जिनका पुनर्वास से व्यवहार किया जाता है, उनसे लगातार संपर्क वीडियो कांफ्रेंसिंग, गृह विजिट एवं फोन द्वारा हम करने का प्रयास करते हैं। 26 वर्षीय नीलम के पिता अशोक बंसल और माता उर्मिला है। काफी इलाज के बाद सुधार हुआ। इनके पति श्री राम बंसल खुद आश्रय गृह आकर अपने भतीजे के साथ पत्नी बच्चों को ले गए हैं। इनकी आगे की गतिविधियों पर भी संस्था वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नजर रखेगी।

संस्था के संचालक मनीष ठाकुर ने बताया कि कल दो महिलाएं और मुस्कान में आई एक महिला अपने एक 2 माह के बच्चे के साथ महावीर मंदिर के पास बेटी हुई थी, समाज के लोगों ने फोन किया उसे ले जाकर लगातार उसकी काउंसलिंग की जा रही है एवं इलाज किया जा रहा है, साथ ही एक महिला रेलवे स्टेशन से मिली आज से परिजनों को सौंप दिया।

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AUTHORRohit

I am a Journalist who is working in Narmadanchal.com.

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