संस्मरण : नर्मदापुरम और स्वामी स्वरूपानंद जी

संस्मरण : नर्मदापुरम और स्वामी स्वरूपानंद जी

* पंकज पटेरिया :

द्वारका शारदा एवं ज्योतिष मठ बद्रीनाथ पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को राज राजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर परिसर में विधि विधान एवं मंत्रोचार के साथ समाधि दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनके अंतिम दर्शन करने विशेष रुप से पहुंचे। शंकराचार्य के उत्तराधिकारी के रूप में उनके ही शिष्य सदानंद सरस्वती शारदा पीठ के शंकराचार्य होंगे और अव मुक्तेश्वर आनंद सरस्वती ज्योतिर मठ बद्रीनाथ पीठ के शंकराचार्य होंगे। यह घोषणा महाराजश्री के निजी सचिव सुबोध आनंद जी ने की।
स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज के पूरे देश में शिष्य और उनके प्रति श्रद्धा रखने वाले अनगिनत धर्म प्रेमीजन है। अपितु पुण्य सलिला मां नर्मदा की गोद में बसे नर्मदापुरम से भी उन का विशेष लगाव रहा है। धर्म प्राणजन के स्नेह आमंत्रण पर अथवा यहां से निकलते हुए वे अपने शिष्य अथवा आत्मीयजनों मिलने पहुंचते जरूर थे। संत महात्मा और मनीषियों के पावन चरण सदा से कर्मयोगी, शिक्षाविद एडवोकेट पंडित रामलाल शर्मा का आवास लक्ष्मी विलास पखारता रहा है। सदा यहां धर्म सम्राट पूज्य करपात्री महाराज से लेकर चारों पीठ के पूज्य पाद शंकराचार्य जी महाराज सहित अन्य मनीषियों का दिव्य सानिध्य कक्का जी के पूरे परिवार को मिलता रहा है। नर्मदापुरम के लोकप्रिय विधायक डॉ सीताशरण शर्मा को धर्म अध्यात्म के वही संस्कार अपने पूज्य पिताश्री से मिले हैं।

बहरहाल स्वरूपानंद जी महाराज का नर्मदापुरम आना होता रहता था। एक प्रतिष्ठित परिवार और स्वर्गीय विष्णु सूबेदार पांडे जी का परिवार है, जहां भी महाराज जी का शुभागमन होता था। पांडे जी का परिवार भी महाराज के पावन दर्शन से धन्य होते थे। इसके अलावा नर्मदापुरम के पुरोहित आचार्य पंडित सोमेश परसाई जी महाराज जी के शिष्य है जो पिछले कई वर्षों से हर वर्ष बड़े स्तर पर शिवलिंग का निर्माण श्रद्धालुओं से करवाते हैं। महाराज जी ने स्वयं उनकी प्रार्थना पर यहां पहुंच कर मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण कर रहे शिव भक्तों को आशीर्वाद दिया था।

नर्मदापुरम आगमन पर मुझे भी उनके दर्शन करने और बातचीत करने का अवसर लक्ष्मी विलास पर मंझले भैया पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित भवानी शंकर शर्मा के सौजन्य से मिला था। मेरे साथ वरिष्ठ लेखक और समाजसेवी पंडित हरिहर व्यास भी थे। महाराज जी को प्रणाम कर सीधा अपना पहला प्रश्न स्वामी जी से किया था सृष्टि की रचना में परमात्मा का उद्देश्य क्या है? यह प्रश्न स्वामी विवेकानंद जी से अमेरिका में किसी व्यक्ति ने किया था। महाराज जी ने आत्मीयता से उत्तर देते हुए कहा था परमात्मा का स्वभाव है खेलना, वे तरह-तरह के खेल खेलते हैं। सृष्टि की रचना भी परमात्मा का खेल है, जब खेल पूरा हो जाता कुछ समय बाद वह सब अपने में समेट कर अपने में स्थित कर लेते हैं। यही उनका अभिप्राय।


वर्ण व्यवस्था के प्रश्न पर स्वामी जी का कथन था कि यह पूर्णता वैदिक व्यवस्था है। परमात्मा के दरबार में सभी समान है कोई ऊंच-नीच नहीं। आपका कहना था झाड़ू लगाने से ही मुक्ति मिलती है और यज्ञ करने से भी। सभी को निष्काम भाव से अपना कर्म करते हुए चित् में ईश्वर की स्मृति ज्योति पाले रखना चाहिए। मुझे मेरा एक प्रिय प्रश्न इसके जिज्ञासा सदा मन में रहती है भी मैंने उसे किया था। बहरहाल स्वरूपानंद जी महाराज का उत्तर था कि यह अनुभव का विषय है। हम प्रभु के चारु चरण में प्रीति भाव से समर्पण रखें अपने आप परम सत्ता की अनुभूति होती है।

महाराजश्री धर्म, अध्यात्म और समाज सेवा के क्षेत्र में अनेक कार्य किए। देश में अनेक स्थानों के साथ यहां राजधानी भोपाल में भी ब्रह्मलीन शंकराचार्य का वानगंगा जवाहर चौक में आश्रम है। महाराज जी के शिष्य एमबीए कर रहे मेधावी छात्र पंडित गौरव रिछारिया ने बताया की बाणगंगा काफी वनाच्छादित क्षेत्र था। वहां पहाड़ों की तलहटी में एक महाभारत कालीन शिवलिंग स्थापित होने की जानकारी महाराजश्री को मिली। उन्होंने इस स्थान का जीर्णोद्धार कर विधि विधान से शिव जी का भव्य मंदिर निर्माण करवाया। यहां एक झरना भी है जहां किसी गुप्त मार्ग से पानी झिरता रहता है। लिहाजा यह स्थान झारणेश्वर महादेव के रूप में प्रसिद्ध हुआ। यहीं पर स्वरूपानंद जी महाराज ने राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी माता जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जो एक पूरी स्फटिक शिला पर निर्मित की गई है। 10 विधा में प्रमुख श्री त्रिपुर सुंदरी माता का यहां दिव्य स्वरुप है। माता जी के दर्शन करने देशभर से लोग आते हैं। मंदिर के मुख्य स्थापक पंडित दीपक शास्त्री ने बताया कि यहां वर्ष भर धार्मिक कार्यक्रम चलते रहते हैं। यह एक सिद्ध पीठ के रूप में देश में सुप्रसिद्ध है।

महाराज जी की स्मृति कोटि से प्रणाम।

नर्मदे हर


पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार
9340244352 ,9407505651

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