इटारसी। शहर की सड़कों पर इन दिनों आवारा मवेशियों के कारण दहशत का माहौल है। शहर के हर प्रमुख मार्ग, चौराहे और गली-मोहल्लों में हिंसक रूप से लड़ते और धमाचौकड़ी मचाते मवेशी अब नागरिकों की जान के दुश्मन बन गए हैं। राहगीर और वाहन चालक लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इस गंभीर लापरवाही का एक प्रत्यक्ष और खौफनाक उदाहरण पुरानी इटारसी क्षेत्र में देखने को मिला।
सांड ने उठाकर नाली में पटका, 1 महीने का बेड रेस्ट
पुरानी इटारसी में एक हिंसक आवारा सांड ने सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र मेना पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। सांड ने उन्हें इतनी बुरी तरह से टक्कर मारी कि वे सीधे पास की नाली में जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत माता मंदिर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के परीक्षण के बाद बताया गया कि उनके पैर और जांघ में गहरी चोटें आई हैं। घावों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 15 टांके लगाए गए हैं और पूरे एक महीने तक बेड रेस्ट करने की सलाह दी गई है।
नगर पालिका मवेशियों को उचित स्थान पर भेजे: मैना
वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप मेना ने इस घटना और शहर के हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आवारा मवेशियों की धमाचौकड़ी के कारण अब आम लोगों का सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से सख्त अपील की है कि वह जल्द से जल्द इन आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला या किसी सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था करे, ताकि शहरवासियों को इस दहशत से मुक्ति मिल सके।











