इटारसी। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पढ़ाई के दबाव के बीच विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा ने एक अनूठी पहल की है। महाविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य क्लब एवं एनटीएफ के तत्वाधान में आयोजित साउंड थेरेपी वर्कशॉप के माध्यम से विद्यार्थियों को तनाव मुक्ति का मंत्र सिखाया गया।
स्वर लहरियों से ऊर्जा का संतुलन

वर्कशॉप की मुख्य प्रशिक्षक श्रीमती रीता बवेजा ने ध्वनि विज्ञान के रहस्यों से छात्रों को परिचित कराया। उन्होंने बताया कि साउंड थेरेपी केवल संगीत नहीं, बल्कि एक उपचार पद्धति है। यह शरीर के भीतर चक्रों और ऊर्जा को संतुलित करती है। मन के भीतर दबे भावनात्मक ब्लॉकेज को हटाकर शांति प्रदान करती है। श्रीमती बवेजा ने गायन कटोरे, गोंग और बाइनॉरल बीट्स का प्रयोग कर विद्यार्थियों को गहरी शिथिलता का अनुभव कराया। महाविद्यालय के 40 विद्यार्थियो ने इस विशेष सत्र का लाभ लिया और साउंड हीलिंग की बारीकियों को सीखने का प्रयास किया। संचालन मानसिक स्वास्थ्य क्लब के प्रभारी डॉ. सौरभ तिवारी ने किया। डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज ने सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
कार्यशाला के दौरान छात्रों ने न केवल ध्वनि चिकित्सा के प्रभावों को महसूस किया, बल्कि खुद भी इन वाद्ययंत्रों के माध्यम से थेरेपी देने की प्रारंभिक तकनीकें सीखीं। आयोजन में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राओं की सक्रिय मौजूदगी रही, जिससे पूरे परिसर में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
इनका कहना है…
ध्वनि चिकित्सा शरीर और मन को रिलैक्स करने का सबसे सुलभ और प्रभावी माध्यम है। आज के समय में युवाओं के लिए ऐसी कार्यशालाएं संजीवनी के समान हैं।
डॉ. नीता राजपूत, प्राचार्य










