भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय उपनिर्वाचनों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की ब्रांड एम्बेसेडर सारिका घारू ने ‘मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण जागरूकता कार्यक्रम’ की विस्तृत रिपोर्ट आयोग के सचिव दिनेश श्रीवास्तव को सौंपी। यह पूरा अभियान आयोग के कमिश्नर मनोज कुमार श्रीवास्तव एवं सचिव दिनेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
सात जिलों में चला जागरूकता का महाअभियान
सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के सात जिलों में सघन जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत की मतदाता सूची में नए नाम जुड़वाने तथा त्रुटियों में संशोधन करवाने के प्रति आमजन को जागरूक करना था। ब्रांड एम्बेसेडर सारिका घारू के प्रयासों से जमीनी स्तर पर मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाया गया।
सचिवालय से मिली नई गाइडलाइन: अब फोकस उपचुनाव पर
रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद आयोग के सचिव दिनेश श्रीवास्तव ने भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने स्थानीय निकाय मतदाता सूची के प्रति आम मतदाताओं का रुझान बढ़ाने के लिए नए उपाय तलाशने के निर्देश दिए। सचिव ने विशेष रूप से दो बिंदुओं पर जोर दिया।
- युवाओं की भागीदारी: नए और युवा मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
- घर-घर दस्तक: बीएलओ (BLO) के माध्यम से घर-घर जाकर अभियान की गति को और तेज किया जाए।
- आयोग का संकल्प: आगामी स्थानीय निकाय उपनिर्वाचनों में मतदान का प्रतिशत बढ़ाना और मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटिरहित (त्रुटिहीन) बनाना ही आयोग का मुख्य लक्ष्य है।
मुलाकात के दौरान सारिका घारू को आगामी उपचुनावों में मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए नई गाइडलाइन और निर्देश भी प्राप्त हुए हैं, जिससे अब इस अभियान को एक नई दिशा और रफ्तार मिलेगी।











