इटारसी। जिले में इस वर्ष मानसून की रफ्तार पिछले साल की तुलना में काफी सुस्त नजर आ रही है। जिले में सामान्य औसत वर्षा 1370.5 मिमी (54 इंच) है, लेकिन इस साल बारिश का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले काफी पीछे चल रहा है।
पिछले साल की तुलना में इस वर्ष बारिश के हालात
कार्यालय कलेक्टर (भू-संसाधन प्रबंधन) द्वारा जारी 21 अगस्त की दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में इस वर्ष बारिश की कमी साफ तौर पर देखी जा सकती है।
- जिले की औसत प्रगामी वर्षा : इस वर्ष 21 अगस्त तक जिले की औसत प्रगामी वर्षा 584.7 मिमी दर्ज की गई है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि तक यह आंकड़ा 1012.9 मिमी पहुंच चुका था।
- तहसीलों का हाल : पचमढ़ी में सबसे अधिक 847.0 मिमी प्रगामी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि माखननगर में सबसे कम 352.0 मिमी बारिश हुई है।
- तुलनात्मक अंतर : पिछले वर्ष 21 अगस्त तक कई तहसीलों में बारिश का आंकड़ा 1000 मिमी को पार कर चुका था (जैसे सोहागपुर में 1171 मिमी और पिपरिया में 1120.4 मिमी), जबकि इस वर्ष अधिकांश तहसीलें 500 से 600 मिमी के दायरे में ही सिमटी हुई हैं।
बांधों और नर्मदा नदी का जलस्तर
बारिश कम होने का सीधा असर क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों और नदियों के जलस्तर पर पड़ा है। वर्तमान में बांध अपनी कुल क्षमता से काफी नीचे चल रहे हैं।
- तवा जलाशय : वर्तमान जलस्तर 1144.30 फीट है, जबकि इसका अधिकतम (जल भराव) स्तर 1166.00 फीट है। यानी तवा बांध अभी भी अपनी पूरी क्षमता से काफी खाली है।
- बरगी जलाशय : इसका वर्तमान जलस्तर 421.50 मीटर है, जो इसके अधिकतम जलस्तर 422.76 मीटर से नीचे है।
- बारना जलाशय : वर्तमान जलस्तर 346.89 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम जलस्तर 348.55 मीटर है।
- सेठानी घाट (नर्मदा नदी) : नर्मदा नदी का सेठानी घाट पर वर्तमान जलस्तर 939.80 फीट है। यहां अलार्म स्तर 964.00 फीट और खतरे का निशान 967.00 फीट पर निर्धारित है, जिससे स्पष्ट है कि नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे सुरक्षित स्थिति में है।
कम बारिश के चलते कृषि और आगामी दिनों में जल प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं, और क्षेत्र के किसानों की निगाहें अब बादलों पर टिकी हुई हैं। हालांकि कल हुई तेज बारिश से इटारसी क्षेत्र के किसानों को धान की चिंता खत्म हुई है।










