इटारसी। शनिवार को जिले भर में झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। पूरे नर्मदापुरम जिले में बादलों ने सबसे ज्यादा मेहरबानी इटारसी पर दिखाई है, जहां शनिवार को सर्वाधिक 22.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इधर, ऊपरी कैचमेंट एरिया और स्थानीय बारिश के कारण बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त ताजा जानकारी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बरगी डैम के 13 गेट खोलकर भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि तवा बांध अभी जुलाई माह के लक्ष्य से ही करीब ढाई फिट दूर है।
बरगी से छूट रहा 3997 क्यूसेक पानी, तटीय इलाकों में नजर
कंट्रोल रूम की रिपोर्ट (उपस्थिति पंजी डेटा) के मुताबिक, बरगी जलाशय का वर्तमान जलस्तर 422.05 मीटर पर पहुंच गया है, जो इसके अधिकतम स्तर (422.76 मीटर) के बेहद करीब है। लगातार पानी की आवक को देखते हुए बरगी डैम के 13 गेट 1.96 मीटर तक खोल दिए गए हैं, जिनसे 3997 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसका सीधा असर नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर देखने को मिलेगा। फिलहाल सेठानी घाट का जलस्तर 942.20 फीट रिकॉर्ड किया है, जबकि इसका खतरे का अधिकतम निशान 967.00 फीट है।
तवा और बारना भी फुल टैंक की ओर
जिले के प्रमुख तवा जलाशय का जलस्तर भी 1155.60 फीट पर पहुंच गया है (अधिकतम भराव क्षमता 1166 फीट)। वहीं, बारना जलाशय का लेवल 346.91 मीटर दर्ज किया गया है (अधिकतम 348.55 मीटर)। दोनों ही बांध अपनी पूर्ण क्षमता की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिन पर सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
जिले का बहीखाता : इटारसी में सबसे ज्यादा पानी
5 सितंबर के जारी आंकड़ों के अनुसार, इटारसी में सबसे अधिक 22.2 मिमी बारिश हुई है। इसके साथ ही 1 जून से अब तक इटारसी में कुल 752.8 मिमी पानी गिर चुका है। जिला मुख्यालय नर्मदापुरम में शनिवार को 17.2 मिमी (कुल प्रगामी योग 853.0 मिमी) बारिश दर्ज की गई। जिले की अन्य तहसीलों में पिपरिया 12.4 मिमी, सिवनी मालवा 11.0 मिमी, माखन नगर 10.0 मिमी, डोलरिया 10.0 मिमी, बनखेड़ी 9.8 मिमी, सोहागपुर 8.0 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
बारिश से मौसम हुआ सर्द
लगातार हो रही बारिश से तापमान में अच्छी खासी गिरावट आई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस और बैतूल में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम का न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सर्द हवाओं और झमाझम बूंदों ने लोगों को भादौ मास का अहसास करा दिया है, हालांकि नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है।








