- उत्तर-पूर्वी मप्र पर बना लो-प्रेशर सिस्टम; भोपाल, नर्मदापुरम समेत कई संभागों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे इलाकों के ऊपर बने ‘स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र’ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश भर में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल ने आगामी 24 घंटों के लिए राज्य स्तर पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
बारिश का अलर्ट: कहां कैसा रहेगा मौसम?
- अत्यधिक भारी वर्षा: रीवा जिले में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
- अति भारी वर्षा: सीधी, मऊगंज, सतना, कटनी, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर और मैहर जिलों में मूसलाधार (अति भारी) बारिश और 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
- भारी वर्षा: नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया, सिंगरौली और टीकमगढ़ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- गर्जन-चमक व हल्की बारिश: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के शेष जिलों में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है।
15 जिलों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का जोखिम
मौसम विभाग की हाइड्रोलॉजिस्ट रिपोर्ट के अनुसार, लगातार हो रही बारिश और मिट्टी में नमी के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश के 15 जिलों—अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह—के निचले इलाकों, पुल-पुलियों और रपटों पर अचानक बाढ़ और जलभराव का मध्यम से उच्च जोखिम बना हुआ है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़े
- सर्वाधिक बारिश: पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा 154 मिमी बारिश मऊगंज जिले के नईगढ़ी में दर्ज की गई। इसके अलावा मजहगांवा में 103 मिमी, हनुमना व बरही में 80-80 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- तापमान का हाल: प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.4°C श्योपुर में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.8°C पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया।
नागरिकों और कृषकों के लिए एडवाइजरी
- सुरक्षा उपाय: मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न रुकने की सलाह दी है। बहते पानी और उफान वाले पुल-पुलियों को पार न करने की हिदायत दी गई है।
- किसानों के लिए सलाह: वर्षा के दौरान फसलों में सिंचाई, खाद व कीटनाशक छिड़काव रोक दें। कटी हुई फसल, बीज और उर्वरकों को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें तथा मवेशियों को खुले स्थानों या नदियों के पास न बांधें।











