भोपाल। मौसम केंद्र भोपाल द्वारा जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और उससे जुड़े चक्रवातीय परिसंचरण के कारण मध्यप्रदेश में मानसून तंत्र काफी मजबूत बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की गरज-चमक के साथ वर्षा का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगा, जिससे राज्य के उत्तरी और पूर्वोत्तर जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज़ रहेंगी।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल और सागर संभागों के अधिकांश स्थानों पर तथा उज्जैन एवं जबलपुर संभागों में अनेक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के प्रमुख आंकड़ों पर नज़र डालें तो ग्वालियर के घाटीगांव में सर्वाधिक 81.4 मिमी, नर्मदापुरम के इटारसी में 78.0 मिमी और रतलाम के आलोट में 74.0 मिमी बारिश हुई है। इसके अलावा श्योपुर, मुरैना, कैलारस, पिछोर, पलेरा, पचमढ़ी और देवरी में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने 7 सितंबर की सुबह तक के लिए चेतावनी जारी करते हुए ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड अंचल के जिलों में सतर्क रहने को कहा है। गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
लगातार हो रही बारिश और घने बादलों की वजह से प्रदेश के तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है। विशेष रूप से भोपाल और चंबल संभागों में दिन का तापमान सामान्य से 5.1°C से 8.6°C तक कम बना हुआ है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान सीधी में 30.4°C दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान बैतूल में 19.8°C रहा। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C गिरकर 25.2°C पर आ गया है। भोपाल के लिए पूर्वानुमान है कि शहर में बादल छाए रहेंगे तथा 16-18 किमी/घंटा की गति से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना है।
मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए मौसम केंद्र ने निचले इलाकों में जलभराव, नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि और रपटों पर पानी आने के प्रति सचेत किया है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान नागरिकों को पक्के मकानों में शरण लेने, पेड़ों व बिजली के खंभों से दूर रहने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करने की सलाह दी गई है। वहीं, कृषकों के लिए विशेष परामर्श जारी कर कहा गया है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा भारी बारिश और तेज़ हवाओं के दौरान कीटनाशकों व उर्वरकों के छिड़काव को स्थगित रखें।








