- बीते 24 घंटों में ओरछा (निवाड़ी) में सर्वाधिक 162 मिमी, हनुमना (मऊगंज) में 120 मिमी और बैराड़ (शिवपुरी) में 110 मिमी बारिश दर्ज
- पचमढ़ी में 46.0 मिमी, इटारसी में 26.4 मिमी और डोलरिया में 17.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई
- अनूपपुर और उमरिया जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी
- नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और टीकमगढ़ सहित 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
भोपाल / इटारसी। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, ग्वालियर और सागर संभागों में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की गई है।
मऊगंज, निवाड़ी और शिवपुरी में तेज बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश निवाड़ी जिले के ओरछा में 162.0 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा मऊगंज के हनुमना में 120.0 मिमी, शिवपुरी के बैराड़ में 110.0 मिमी, विजयपुर में 65.0 मिमी और टीकमगढ़ के बलदेवगढ़ में 61.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के चलते प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम और जबलपुर संभागों में अधिकतम तापमान 2.1 से 2.6 डिग्री तक गिर गया है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बड़वानी (तालुन) में 31.2 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान धार में 20.3 डिग्री दर्ज किया गया।
नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति
नर्मदापुरम जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल पचमढ़ी में 46.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं इटारसी में 26.4 मिमी, डोलरिया में 17.3 मिमी, सिवनी मालवा में 11.0 मिमी, बबई (माखनपुर) में 8.0 मिमी और सोहागपुर में 6.0 मिमी वर्षा हुई है।
अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट और एडवाइजरी
मौसम केंद्र भोपाल ने आगामी 24 घंटों (29 अगस्त की सुबह तक) के लिए चेतावनी जारी की है।
- अति भारी बारिश का अलर्ट : अनूपपुर और उमरिया जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ अति भारी वर्षा की संभावना जताई है।
- भारी बारिश की चेतावनी : नर्मदापुरम, रायसेन, सीधी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
- गरज-चमक का यलो अलर्ट : भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और सागर सहित अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने जलभराव वाले निचले इलाकों, पुल-पुलियों और आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी है। किसानों को खेतों में पानी की निकासी सुनिश्चित करने और कटी हुई फसलों को तिरपाल से ढककर रखने का परामर्श दिया गया है।










