“वन नेशन, वन स्मार्ट एंड रेजिलिएंट ग्रिड” की अवधारणा पर सांसद चौधरी का जोर, एनटीपीसी गाडरवारा से करेली फोर-लेन सड़क निर्माण का मुद्दा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के समक्ष उठाया।
नर्मदापुरम। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित विद्युत मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने सहभागिता करते हुए ऊर्जा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण एवं जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया।
बैठक में सांसद श्री चौधरी ने कहा कि भारत आज ऊर्जा परिवर्तन के एक ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में विश्व स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। ऐसे समय में विद्युत उत्पादन के साथ-साथ ग्रिड सुरक्षा, तकनीकी मानकों के अनुपालन तथा वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। सांसद श्री चौधरी ने सुझाव दिया कि विद्युत क्षेत्र में ग्रिड कोड एवं तकनीकी मानकों के अनुपालन की नियमित और प्रभावी समीक्षा की जाए, क्योंकि ग्रिड सुरक्षा से जुड़ी छोटी सी कमजोरी भी पूरे तंत्र की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित, पारदर्शी, मजबूत एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्युत व्यवस्था का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है।
बैठक के दौरान सांसद श्री चौधरी ने होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषय भी केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के समक्ष रखे। उन्होंने एनटीपीसी गाडरवारा परिसर से करेली राष्ट्रीय राजमार्ग तक बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए फोर-लेन सड़क निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया तथा एनटीपीसी प्रबंधन को इस दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। साथ ही एनटीपीसी गाडरवारा सुपर थर्मल पावर परियोजना के फेज-2 से जुड़े विकास कार्यों एवं क्षेत्रीय आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण का विषय भी प्रमुखता से उठाया। सांसद श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “वन नेशन, वन ग्रिड, वन फ्रीक्वेंसी” का सपना साकार हुआ है। अब हमारा अगला लक्ष्य “वन नेशन, वन स्मार्ट एंड रेजिलिएंट ग्रिड” होना चाहिए, जिससे देश का विद्युत तंत्र और अधिक सुरक्षित, आधुनिक तथा विश्वसनीय बन सके।
बैठक में प्रस्तुत सुझावों की सराहना करते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र के विकास एवं विद्युत अवसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सभी जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।











