भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में अगले 48 घंटों के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम केंद्र भोपाल द्वारा जारी पांच दिवसीय 14 जुलाई से 18 जुलाई तक पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों से शुरू होकर बारिश का दायरा धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैलेगा। मौसम विभाग ने 16 जुलाई से राज्य के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा) का येलो अलर्ट जारी किया है।
शुरुआत में पूर्वी हिस्सों में दिखेगा असर
- 14 जुलाई : शुरुआत में मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों (जैसे छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, मंडला, बालाघाट आदि) और पश्चिमी छोर के कुछ हिस्सों (झाबुआ, धार, अलीराजपुर) में छिटपुट स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी है।
- 15 जुलाई : बुधवार (15 जुलाई) को बारिश का दायरा थोड़ा बढ़ेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों के साथ-साथ दक्षिणी जिलों (बैतुल, छिंदवाड़ा, सिवनी) में भी छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्से (भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन) मुख्य रूप से सूखे रहेंगे।
16 जुलाई से बदलेगा मौसम का मिजाज, बढ़ेगी चेतावनी
गुरुवार, 16 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी सिस्टम मजबूत होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 16, 17 और 18 जुलाई के लिए विस्तृत चेतावनी जारी की है।
- बारिश का विस्तार : 16 जुलाई से इंदौर, उज्जैन, देवास, झाबुआ, धार समेत मालवा-निमाड़ अंचल और नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा व शहडोल संभाग के लगभग सभी जिलों में बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। उत्तर-पश्चिमी बेल्ट (ग्वालियर, चंबल, भोपाल संभाग के कुछ हिस्से) में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रह सकता है।
- तेज हवाओं और वज्रपात का येलो अलर्ट : 16 से 18 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के लगभग तीन-चौथाई हिस्से में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंके वाली हवाओं का अनुमान है। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो वॉच जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन जिलों के लिए कोई चेतावनी नहीं
राहत की बात यह है कि भोपाल, विदिशा, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और नीमच जैसे उत्तर-मध्य और उत्तर-पश्चिमी जिलों में 18 जुलाई तक मौसम सामान्य या शुष्क रहने का अनुमान है और यहां किसी भी प्रकार की गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है।











