केसला रितेश राठौर। विकास और सुगम यातायात का दावा करने वाले करोड़ों रुपए की लागत से बने केसला-इटारसी फोरलेन मार्ग की गुणवत्ता की पोल बारिश ने खोल कर रख दी है। जिस सड़क पर फर्राटेदार सफर की उम्मीद थी, वह अब राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। धन्यवाद तिराहे के आगे रेलवे पुल के ऊपर सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि यह सीधे तौर पर निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई घटिया सामग्री और विभागीय अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
करोड़ों की लागत वाले इस फोरलेन प्रोजेक्ट की मियाद क्या महज कुछ महीनों या पहली बारिश तक ही थी? सड़क की डामर की परत जिस तरह से जगह-जगह से उखड़ चुकी है और गिट्टियां बाहर निकल आई हैं, वह निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। जनता अब पूछ रही है कि क्या सड़क बनाते समय गुणवत्ता (क्वालिटी कंट्रोल) को ताक पर रख दिया था? करोड़ों रुपए फूंकने के बाद भी अगर राहगीरों को हिचकोले और दुर्घटना का डर ही मिलना था, तो इस भारी-भरकम बजट का क्या अर्थ रह जाता है।
पानी से भरे गड्ढे दे रहे हादसों को न्योता
वर्तमान में रेलवे पुल के पास सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के चलते इन गड्ढों में लबालब पानी भर जाता है, जिससे वाहन चालकों को इनकी गहराई का बिल्कुल अंदाजा नहीं लग पाता। कई स्थानों पर सड़क के किनारे भी टूटकर खतरनाक रूप ले चुके हैं।
जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर राहगीर
इस व्यस्त और प्रमुख मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और अन्य यात्री वाहन गुजरते हैं।
फिसलने का डर : सड़क पर फैली गिट्टियों के कारण दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा हर पल बना रहता है।
टक्कर की आशंका : जलभराव वाले गड्ढों से अपने वाहन को बचाने के प्रयास में चालक अचानक गाड़ी मोड़ते हैं, जिससे सामने या पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों से सीधी टक्कर की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि केसला-इटारसी मार्ग पर रेलवे पुल के आसपास की इस क्षतिग्रस्त सड़क का तत्काल निरीक्षण किया जाए। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े और जानलेवा हादसे का इंतजार न करे और अविलंब इन गड्ढों की मरम्मत कराकर गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले जिम्मेदारों पर भी संज्ञान ले।











